फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   No Land Bank for investors in Himachal Pradesh

हिमाचल में नहीं ये बैंक, कैसे आकर्षित होंगे बड़े निवेशक

Sat, 03 Nov 2018 01:51 PM IST
विपिन काला, अमर उजाला, शिमला
विपिन काला, अमर उजाला, शिमला Updated Sat, 03 Nov 2018 01:51 PM IST
विज्ञापन
No Land Bank for investors in Himachal Pradesh

हिमाचल में लैंड बैंक बना नहीं है तो इनवेस्टर मीट में देश-विदेश के बड़े निवेशकों को कैसे आकर्षित करेंगे? सरकार ने फरवरी में धर्मशाला में इनवेस्टर मीट आयोजित कर 80 हजार करोड़ के निवेश का लक्ष्य रखा है। राज्य में बाहरी लोगों को उद्योग के लिए जमीन जुटाना आसान नहीं है। प्रदेश में धारा 118 लागू है। ऐसे में पूंजीपतियों के लिए भूमि लेना काफी कठिन रहता है। राज्य में पूंजीपति हवाई कनेक्टिविटी की बात लंबे समय से कहते रहे हैं, लेकिन इस दिशा में भी ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है। 

विज्ञापन


पूर्व सरकार के समय भी इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, न ही वर्तमान सरकार कोई ठोस कदम उठा सकी है। लिहाजा, जिस गति से राज्य में नए उद्योग स्थापित होने चाहिए थे, उतने नहीं हो पाए। सरकार ने औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए हैं, परंतु इनमें अधिकांश प्लॉट खाली हैं। प्लॉट लेने में पूंजीपति खास रुचि नहीं दिखा रहे। बड़े उद्योगपति पांच-सात सौ हेक्टेयर जमीन की मांग करेंगे तो इसके लिए लैंड बैंक तक नहीं है। यह बात उद्योग विभाग के अधिकारी भी स्वीकारते हैं।

विज्ञापन

नए औद्योगिक क्षेत्र भी विकसित नहीं हुए

No Land Bank for investors in Himachal Pradesh

राज्य के पंडोगा और कंदरोड़ी में सरकार में नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए हैं। यहां अभी तक एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का रास्ता साफ नहीं हुआ है। चन्नौर में सरकार 200 कनाल क्षेत्र में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की तैयारी में है। पूर्व सरकार ने ऊना से बसाल में नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया था। यहां करोड़ों की लागत से व्यावसायिक भवन का निर्माण किया था। यहां भी कोई आने को तैयार नहीं है।

आसान नहीं धारा 118 में सरकार से मंजूरी लेना
सरकार भले की दावा करती है कि उद्योग लगाने को सरकार धारा 118 के तहत मंजूरी देती है। बताते हैं कि राज्य में उद्योग लगाने को कम से कम दो साल का समय लगता है। ऐसी स्थिति में उद्योगपतियों के धैर्य का बांध टूटने लगता है।  

फोनलेन तैयार नहीं, हवाई कनेक्टिविटी कमजोरी 
सीआआई की पिछले दिनों शिमला में हुई बैठक में सदस्यों ने यह मामला प्रमुखता से उठाया था कि जब तक फोरलेन तैयार नहीं किए जाते और हवाई कनेक्टिविटी मजबूत नहीं होगी, तब तक पूंजीपतियों को आकर्षित नहीं किया जा सकता। 

सरकार समीक्षा कर रही है कि राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों में कितने प्लॉट खाली हैं। निवेशकों को उद्योग लगाने के लिए राज्य में जमीन उपलब्ध है। किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं आएगी। - बिक्रम सिंह, उद्योग मंत्री

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed