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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   No jams, no sharp turns, now tourists will reach Shimla directly from Parwanoo via ropeway, the journey will a

Himachal: न जाम न तीखे मोड़, अब परवाणू से ही रोपवे के जरिये सीधे शिमला पहुंचेंगे सैलानी, सफर भी होगा आधा

Tue, 26 Aug 2025 11:03 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला/बिलासपुर/सोलन/रामपुर बुशहर/नाहन
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला/बिलासपुर/सोलन/रामपुर बुशहर/नाहन Published by: Krishan Singh Updated Tue, 26 Aug 2025 11:03 AM IST
सार

हिमाचल और अमर उजाला का जुड़ाव 26 साल पुराना है। 20 जुलाई, 1999 को चंडीगढ़ संस्करण शुरू होने के साथ अमर उजाला ने हिमाचल प्रदेश में कदम रखा। प्रदेश के आखिरी छोर तक सुबह की पहली किरण के साथ अमर उजाला पहुंच सके, इसके लिए 26 अगस्त, 2022 को शिमला संस्करण शुरु हुआ। आज शिमला संस्करण के तीसरे स्थापना दिवस पर पेश है पहाड़ों की रानी के भविष्य की तस्वीर...
 

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No jams, no sharp turns, now tourists will reach Shimla directly from Parwanoo via ropeway, the journey will a
शिमला रोपवे। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

घुमावदार सड़कें और ट्रैफिक के झंझट से हजारों लोगों खासकर चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा से आने वाले पर्यटकों को छुटकारा मिलने जा रहा है। परवाणू से शिमला तक 38 किलोमीटर लंबे रोपवे का निर्माण होगा। यह रोपवे देश का पहला और दुनिया का दूसरा सबसे लंबा प्रोजेक्ट होगा। आठ चरणों में इसका काम पूरा होगा। परवाणू पहुंचने से शिमला पहुंचने में लोगों को जहां साढ़े तीन घंटे का समय लग जाता है। वहीं, रोपवे से दो घंटे लगेंगे। परवाणू से शिमला तक का सफर अब हवा में होगा। इससे जहां ट्रैफिक का शोर कम होगा। वहीं गाड़ियों से निकलने वाले प्रदूषण से भी लोगों को राहत मिलेगी। इसके लिए न तो पहाड़ कटेंगे और न ही जंगल उजड़ेंगे। रोपवे को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर बनाया जा रहा है। इस परियोजना पर लगभग 6800 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस सुविधा से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि हजारों लोगों का सड़क यातायात भी कम हो जाएगा।

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तारादेवी से शिमला का 12 मिनट में होगा सफर
तारादेवी से शिमला तक बनने वाला अत्याधुनिक रोपवे (रज्जू मार्ग) 13.79 किलोमीटर लंबा होगा। इस रोपवे से शहरवासियों का सफर न केवल सुगम होगा। वहीं रोजाना हजारों लोग बसों व गाड़ियों के घंटों जाम में फंसने से भी निजात मिल जाएगी। परियोजना में करीब तीन साल की देरी और लागत में 562 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है। इस रोपवे में कुल 15 स्टेशन होंगे। वहीं एक दिशा में लगभग एक हजार यानी कि दोनों तरफ दो हजार यात्री सफर कर पाएंगे। वहीं इस रोपवे में यात्रा का समय 12 से 15 मिनट के बीच का होगा। स्टेशनों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। 

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परियोजना के मुख्य बिंदु
रोपवे में प्रति घंटे लगभग 2,000 लोगों को ले जाया जा सकेगा। रोपवे में कुल 11 स्टेशन बनाए जाएंगे। जोकि परवाणू, जाबली, धर्मपुर, बड़ोग, सोलन, करोल टिब्बा, वाकनाघाट, कंडाघाट, शोधी, तारादेवी से होते हुए शिमला पहुंचेगा। इस रोपवे का मुख्य उद्देश्य यातायात को भीड़ को कम करना, सड़क प्रदूषण में कमी लाना और पर्यटन को बढ़ावा देना है। शिमला आने-जाने का यह एक सुगम विकल्प होगा। इस परियोजना को 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

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रोपवे के ये होंगे स्टेशन
यात्री तारादेवी, चक्कर, टुटीकंडी पार्किंग, आईएसबीटी, 103 टनल, रेलवे स्टेशन, विक्ट्री टनल, ओल्ड बस स्टैंड, आईसीआर, लक्कड़ बाजार, आईजीएमसी, संजौली, नवबहार, सचिवालय व लिफ्ट के पास ट्रॉली में बैठ सकेंगे।

टूरिज्म का नया हब बन रहा बिलासपुर
बिलासपुर विकास और पर्यटन को नई इबारत लिख रहा है। यहां भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेललाइन का निर्माण तेज गति से चला हुआ है। निर्माण पूरा होने के बाद प्रदेश का पहला ऐसा पहाड़ी जिला होगा जो ब्रॉडगेज रेललाइन से जुड़ेगा। भानुपल्ली-बिलासपुर रेललाइन पर 20 टनल बनाई जा रही हैं। रेललाइन के लिए गोबिंद सागर झील पर 80 मीटर ऊंचे 69 पिलर का निर्माण चल रहा है। जब झोल के ऊपर से इन पिलरों से रेललाइन गुजरेगी तो अलग ही तरह का नजारा होगा। इस रेललाइन का निर्माण साल 2027 के अंत तक पूरा होने का लक्ष्य है। किरतपुर-मनाली फोरलेन का निर्माण पूरा हो चुका है। प्रदेश में पहली बार बिलासपुर शहर में गोबिंद सागर झील में शिकारा और कुज चलाए जा रहे हैं। पैरा मोटर और पैरा सेलिंग जैसी साहसिक गतिविधियां हो रही है। स्थानीय प्रशासन टापू टुरिज्म को भी विकसित कर रहा है। दो टापुओं को लीज पर दिया गया है। 

पैराग्लाइडिंग के लिए बंदलाधार ने बनाई अपनी पहचान
मांडू मैदान में गोबिंद सागर झील में जलमग्न हुए मंदिरी को स्थानांतरित के लिए 1,400 करोड़ की योजना।
भाखड़ा घाट से कोसरियां घाट तक बाटर मेट्रो सेवा शुरू करने की तैयारी।
एम्स शुरू होने से बिलासपुर स्वास्थ्य के क्षेत्र में नए नाम के रूप में उभरा है। यहां एम्स को खुले हुए तीन साल से अधिक समय हो गया है। आज यहां प्रदेश समेत पंजाब से भी लोग स्वास्थ्य उपचार लेने पहुंच रहे हैं।

रामपुर और किन्नौर के सेब को घर-द्वार मिलेगा बाजार
रामपुर नगर परिषद के बार्ड-6 में 12 करोड़ की लागत से आधुनिक सब्जी मंडी का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए एपीएमसी ने औपचारिकता पूरी कर ली है। इससे रामपुर, किन्नौर के बागवानों को राहत मिलेगी। आधुनिक सब्जी मंडी का निर्माण डकोलड़ में 1.95 हेक्टेयर भूमि पर किया जाएगा। बेसमेंट बनाने के लिए दो करोड़ का टेंडर कर काम शुरू कर दिया है। वहीं, चार जिलों के प्रमुख व्यापारिक केंद्र रामपुर में रोजाना हजारों कहनी का आना जाना रहता है। नगर परिषद पाहां करीब उह करोड़ रुपये की लागत से यहां बहुमंजिला पार्किंग का निर्माण करेंगी।  रामपुर के दत्तनगर में 21 करोड़ की लागत से कोल्ड स्टोर का जल्द निर्माण होगा। कोल्ड स्टोर में 2,500 मोट्रिक टन की क्षमता के साथ एक लाख 25 हजार सेब पेटियों का भंडारण होगा। कुल्लू और शिमला जिले को जोड़ने के लिए सतलुज नदी पर चाटी बाईपास पुल का निर्माण होगा। लोक निर्माण विभाग ने रॉक टेस्टिंग की प्रक्रिया पूरी कर ली है। 19 करोड़ रुपये की लागत की डीपीआर तैयार कर प्रदेश सरकार को मंजूरी के लिए भेज दी है।

सोलन में मेडिकल डिवाइस पार्क, चंडीगढ़-बद्दी रेललाइन की सौगात
 चंडीगढ़-बद्दी रेललाइन का संडोली गांव में रेलवे स्टेशन बनना है। सूरजपुर से बद्दी तक अलग से लाइन बनाने का कार्य चला हुआ है। बद्दी के 9 गांव इस प्रोजेक्ट के तहत आए हैं। जमीन अधिग्रहण कर कार्य पिछले तीन साल से चला हुआ है। 2026 में इसका काम पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बनने से एशिया का सबसे बड़ा फार्मा हब रेलवे लाइन से जुड़ जाएगा। इसके जुड़ने से चंडीगढ़ और अन्य स्थानों से आने वाले कामगारों को फायदा होगा। सबसे बड़ा फायदा उद्योगों को होगा। नालागढ़ के मझौली में 1623 बीघा जमीन पर मेडिकल डिवाइस पार्क बन रहा है। यह पार्क एचपीएसआईडीसी तैयार कर रहा है। अभी तक 40 फीसदी काम इसका पूरा हो चुका है। 

सिरमौर: फोरलेन और ग्रीन कोरिडोर करेंगे राह आसान
 सिरमौर में विकास और लोगों की सुविधा से जुड़ी कई विकास योजनाएं तैयार हो रही हैं जो लोगों की राह आसान करेंगी। जिला मुख्यालय नाहन के समीप 11 बीघा भूमि पर धानक्यारी में हेलीपोर्ट का निर्माण प्रस्तावित है। लोगों को जिला मुख्यालय से शिमला, चंडीगढ़, धर्मशाला के लिए हवाई सुविधा मिलेगी। ददाहू में गिरि नदी पर रेणुकाजी बांध परियोजना का निर्माण किया जा रहा है। राजधानी दिल्ली के लोगों को 23 क्यूमेक्स पीने के पानी की आपूर्ति होगी। वहीं, हिमाचल प्रदेश को 40 मेगावाट विद्युत उत्पादन का भी सीधा लाभ मिलेगा। देहरादून से पांवटा साहिब तक फोरलेन निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके लिए 1,093 करोड़ की राशि मंजूर है। ये प्रोजेक्ट दो हजार करोड़ के आसपास होगा। यह फोरलेन पांवटा साहिब कस्बे को बाईपास करेगा। पांवटा साहिब-शिलाई से गुम्मा नेशनल हाईवे-707 पर ग्रीन कोरिडोर बन रहा है। करीब 104 किलोमीटर के 4 भागों में 1350 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य हो रहा है। दो भाग का कार्य हो चुका है, दो भाग का प्रगति पर चल रहा है।

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