Shimla: शहर में इस दिन से नहीं उठेगा कूड़ा, 800 सैहब कर्मचारी हड़ताल पर, प्रशासन ने लगाया एस्मा
मांगों को लेकर सैहब सोसायटी के कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। कर्मचारी दस फीसदी वेतन बढ़ोतरी रोकने से खफा हैं।
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शिमला शहर में घरों और व्यावसायिक संस्थानों से कूड़ा नहीं उठेगा। इससे शहर में सफाई व्यवस्था पटरी से उतर सकती है। मांगों को लेकर सैहब सोसायटी के कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। कर्मचारी दस फीसदी वेतन बढ़ोतरी रोकने से खफा हैं। सैहब सोसायटी के 800 कर्मचारी शुक्रवार को कूड़ा नहीं उठाएंगे और उपायुक्त कार्यालय के बाहर मांगों को लेकर प्रदर्शन करेंगे। इससे पहले नगर निगम प्रशासन के साथ बैठक बेनतीजा रहने के बाद कर्मचारी यूनियन ने हड़ताल का एलान किया था। वीरवार को कर्मचारियों ने घर-घर जाकर पंफ्लेट भी बांटे और शहरवासियों को अपनी मांगों से अवगत करवाया। सैहब सोसायटी के कर्मचारी सालाना दस फीसदी वेतन बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं।
सैहब सोसायटी 60,000 घरों और व्यावसायिक संस्थानों से उठाती है कूड़ा
सैहब सोसायटी शहर में करीब 60,000 घरों और व्यावसायिक संस्थानों से कूड़ा उठाने का काम करती है। पूरे शहर की सफाई व्यवस्था इन्हीं कर्मचारियों के कंधों पर है लेकिन राजधानी में चल रहे स्वच्छता सर्वेक्षण के बीच कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से शहर की सफाई व्यवस्था ठप होने का खतरा बना हुआ है। नगर निगम प्रशासन ने हड़ताल को देखते हुए सैहब सोसायटी के चालकों को कल कलेक्शन सेटरों से कूड़ा उठाने के निर्देश दिए थे लेकिन चालकों ने भी शुक्रवार से हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है। इससे अब कलेक्शन सेंटरों से भी कड़ा नहीं उठेगा हालांकि निगम प्रशासन का दावा है कि इसको लेकर वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। यूनियन अध्यक्ष जसवंत सिंह ने कहा कि जब तक कर्मचारियों की मांगों को नगर निगम पूरा नहीं करता है, उनकी हड़ताल जारी रहेगी।
प्रशासन ने कर्मचारियों पर लगाया एस्मा
नगर निगम के सैहब सोसायटी कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने को लेकर जिला प्रशासन ने रोक लगा दी है। उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने वीरवार शाम को इस बाबत निर्देश जारी किए हैं। उपायुक्त ने बताया कि हिमाचल प्रदेश आवश्यक सेवा (एस्मा) अधिनियम 1973 की धारा 4 के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह फैसला लिया है। ऐसे में अगर यह कर्मचारी हड़ताल पर जाते है तो कानून के तहत इन कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इससे पहले भी कर्मचारियों ने अपनी मांगे पूरी न होने के चलते हड़ताल पर जाने का एलान किया था। ऐसे में इनके हड़ताल पर जाने से शहरवासियों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े इसलिए यह फैसला उपायुक्त द्वारा लिया है।