शिक्षकों के लिए खबर, एक और फैसला पलटने की तैयारी में जयराम सरकार
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राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों को दिए जाने वाले सेवा विस्तार को बंद करने की तैयारी है। जयराम सरकार पूर्व सरकार के एक और फैसले को पलटने पर मंथन कर रही है। शिक्षा विभाग का यह प्रस्ताव सिरे चढ़ा तो इस साल पांच सितंबर को शिक्षक दिवस पर सम्मानित होने वाले अध्यापकों को केवल नकद पुरस्कार से ही सम्मानित किया जाएगा।
बीते दिनों इस मामले को लेकर शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज के साथ विभागीय अधिकारियों की बैठक हो चुकी है। बताया जा रहा है कि सेवा विस्तार बंद कर सरकार पुरस्कार के तौर पर दी जाने वाली नकद राशि को बढ़ाने पर विचार कर रही है।
चार सितंबर 2015 को वीरभद्र सरकार ने कैबिनेट बैठक में 24 अवार्ड विजेता शिक्षकों को सेवा विस्तार देने का फैसला लिया था। शिक्षक दिवस पर प्र्रोत्साहन के तौर पर तोहफा देते हुए पूर्व सरकार ने नेशनल अवार्डी शिक्षकों को दो साल का सेवा विस्तार और इंक्रीमेंट, राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को एक साल का सेवा विस्तार देने की घोषणा की थी।
लैपटॉप योजना पर अभी भी बना है संशय
साल 2016 से इस घोषणा को लागू किया गया। राज्य पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों को 40 हजार और राष्ट्रीय को 60 हजार रुपये नकद पुरस्कार दिया जाता है। अब जयराम सरकार ने पूर्व सरकार की ओर से शिक्षकों को दी गई सौगात को बंद करने की तैयारी कर ली है। संभावित है कि कैबिनेट बैठक में इस मामले को लाया जाएगा।
दसवीं और जमा दो कक्षा के दस हजार मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप देने पर भी अभी संशय बना हुआ है। शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव इस बाबत कुछ भी कहने से गुरेज कर रहे हैं। धूमल सरकार के समय शुरू की गई इस योजना को भी जयराम सरकार बंद करने की तैयारी में है। हालांकि स्पष्ट तौर योजना को बंद करने की घोषणा करने से सरकार कतरा रही है।