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हिमाचलः चार जिलों में 27 से रात्रि कर्फ्यू, बिना निगेटिव रिपोर्ट नहीं मिलेगा राज्य में प्रवेश
Sun, 25 Apr 2021 05:56 PM IST
सुशील कुमार कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Sun, 25 Apr 2021 05:56 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना के मामलों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने सूबे के चार जिलों में रात्रि कर्फ्यू लगाने का निर्णय लिया है। कांगड़ा, ऊना, सोलन और सिरमौर जिले में 27 अप्रैल से रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक रात्रि कर्फ्यू लगेगा। यह व्यवस्था 10 मई तक जारी रहेगी। यह फैसला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में रविवार को अवकाश होने के बावजूद ओकओवर शिमला में हुई उच्च स्तरीय आपात बैठक में लिया गया।
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मख्यमंत्री जयराम ठाकुर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना के मामलों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने सूबे के चार जिलों में रात्रि कर्फ्यू लगाने का निर्णय लिया है। कांगड़ा, ऊना, सोलन और सिरमौर जिले में 27 अप्रैल से रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक रात्रि कर्फ्यू लगेगा। यह व्यवस्था 10 मई तक जारी रहेगी। यह फैसला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में रविवार को अवकाश होने के बावजूद ओकओवर शिमला में हुई उच्च स्तरीय आपात बैठक में लिया गया। बैठक में चार मंत्री भी मौजूद रहे।
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बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि बाहरी राज्यों से आने वाले हर व्यक्ति को 72 घंटे के भीतर की आरटीपीसीआर रिपोर्ट लानी होगी। रिपोर्ट नहीं लाने वालों को 14 दिनों के लिए होम क्वारंटीन रहना होगा। हालांकि सूबे में आने के सात दिनों के बाद टेस्ट करवाने का उनके पास विकल्प होगा।
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यदि रिपोर्ट निगेटिव आती है, तो उन्हें अलग रहने की आवश्यकता नहीं है। यह भी निर्णय लिया गया कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में स्थानीय निकाय अपने-अपने क्षेत्रों में सभी एसओपी और दिशा-निर्देशों को लागू करेंगे और उन्हें उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने का अधिकार देंगे।
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इस महामारी के प्रसार की जांच की जा सके। बैठक में निर्णय लिया गया है कि सभी धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक समारोहों के दौरान एसओपी को प्रभावी लागू करने के लिए स्थानीय स्तर पर स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। एसओपी का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने का अधिकार होगा।
राज्य सरकार समय-समय पर स्थिति की समीक्षा करती रहेगी और उसके अनुसार निर्णय लिए जाएंगे। इस मौके पर शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. राम लाल मारकंडा, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव सैजल, वन मंत्री राकेश पठानिया, मुख्य सचिव अनिल खाची, अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, सचिव स्वास्थ्य अमिताभ अवस्थी और अन्य अधिकारियों ने भाग लिया।