नए मोटर व्हीकल एक्ट का प्रारूप तैयार, न्यूनतम जुर्माना ही वसूलेगा हिमाचल
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हिमाचल में दिसंबर से केंद्र सरकार के संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट-2019 को लागू करने की तैयारी है। परिवहन विभाग ने मोटर व्हीकल एक्ट में तय न्यूनतम जुर्माना राशि का प्रारूप तैयार कर फाइल दोबारा सरकार को भेज दी है। अब मंत्रिमंडल को इस पर फैसला लेना है। करीब ढाई महीने पहले विभाग ने जुर्माना राशि को डेढ़ गुना बढ़ाकर प्रारूप तैयार किया था लेकिन सरकार ने इसे कम करने के लिए फाइल लौटा दी थी।
अब केंद्र सरकार की गाइडलाइन को फॉलो करते हुए विभाग ने प्रारूप तैयार किया है। केंद्र की ओर से तय न्यूनतम दरों को प्रदेश सरकार 10 गुना कर सकती है लेकिन इसे सिर्फ एक गुना यानी जितनी न्यूनतम राशि तय की है, उसे ही लागू करने का प्रारूप तैयार किया गया है। सिर्फ चालान में भेदभाव खत्म किया गया है।
उदाहरण के तौर पर केंद्र सरकार ने बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने पर 500 से 1500 रुपये जुर्माने का प्रावधान किया है। इसमें परिवहन विभाग ने 750 रुपये यानी बीच की राशि तय की है। तय राशि होने से चालान काटने वाले कर्मचारी मनमानी नहीं कर सकेंगे। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में धर्मशाला और पच्छाद विधानसभा उपचुनाव और इन्वेस्टर्स मीट की वजह से यह मामला अभी तक लंबित था।
संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट में यह है जुर्माना राशि
नाबालिग के गाड़ी चलाने पर 25,000 रुपये जुर्माना, गाड़ी का पंजीकरण रद्द
दोपहिया वाहन पर तीन सवारी बैठाने पर 500 रुपये जुर्माना
बिना ड्राइविंग लाइसेंस गाड़ी चलाने पर 5,000 रुपये जुर्माना
खतरनाक ड्राइविंग करने पर 5,000 रुपये जुर्माना
ड्राइविंग के दौरान फोन पर बात करने पर 5,000 रुपये जुर्माना
बिना सीट बेल्ट लगाए गाड़ी चलाने पर 1,000 रुपये जुर्माना
शराब पीकर गाड़ी चलाने पर 10,000 रुपये जुर्माना
मोटर व्हीकल एक्ट-2019 का प्रारूप तैयार कर प्रदेश सरकार को भेज दिया है। केंद्र की गाइडलाइन के अनुसार न्यूनतम जुर्माना (एक गुना) राशि फिक्स की है। जुर्माना में भेदभाव को खत्म किया गया है। - जेएम पठानिया, निदेशक परिवहन विभाग