New electric bus: पहाड़ों की रानी शिमला पहुंची नई इलेक्ट्रिक बस, 19 और आएंगी
ट्रायल के लिए निगम प्रबंधन ने उपमंडलीय प्रबंधक (तकनीकी) की अध्यक्षता में कमेटी गठित की है। शिमला पहुंची पहली बस को ट्रायल के तौर पर शहर के चुनिंदा रूटों पर चलाया जाएगा। इसके लिए शहर के चढ़ाई और उतराई वाले कुछ रूटों को चयनित किया है।
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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ने वाली है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शहर को 20 बसें और मिलेंगी। पहली बस शिमला पहुंच गई। ट्रायल के बाद चरणबद्ध तरीके से अन्य बसें भी शिमला पहुंचेंगी। ट्रायल के लिए निगम प्रबंधन ने उपमंडलीय प्रबंधक (तकनीकी) की अध्यक्षता में कमेटी गठित की है। शिमला पहुंची पहली बस को ट्रायल के तौर पर शहर के चुनिंदा रूटों पर चलाया जाएगा। इसके लिए शहर के चढ़ाई और उतराई वाले कुछ रूटों को चयनित किया है। ट्रायल के बाद कमेटी निगम प्रबंधन को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। शहर को मिलने वाली सभी 20 बसें 9 मीटर लंबी होंगी। फुल चार्जिंग के बाद नई बसें 200 किलोमीटर की दूरी तय कर सकती हैं, जिसके चलते एचआरटीसी इन बसों को लंबी दूरी के रूटों पर भी चला पाएगा।
फरवरी 2019 में शिमला में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू हुआ था। मौजूदा समय में शहर में 50 इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं। शहर के बाहर शिमला-सोलन रूट पर इलेक्ट्रिक बस का संचालन हो रहा है। इसके लिए सोलन बस स्टैंड पर भी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किया है। एचआरटीसी शिमला के लोकल डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक इंजीनियर विनोद शर्मा ने बताया कि शिमला को 20 नई बसें मिलनी हैं। पहली बस शिमला पहुंच चुकी है। बस के ट्रायल के लिए कमेटी गठित की है। शहर में चल रही इलेक्ट्रिक बसों की अपेक्षा नई बसों के इंजन की पावर अधिक है।
स्मार्ट सिटी मिशन के तहत मिलने वाली 20 बसों में से पहली बस शिमला पहुंच गई है। एक बार फुल चार्जिंग के बाद नई बस 200 किलोमीटर तक चल सकती है। मौजूदा समय में चल रही बसें 150 किलोमीटर तक चलती हैं। - डॉ. संदीप कुमार, प्रबंध निदेशक, एचआरटीसी