हिमाचली सेब की धमक, खरीदने के लिए नेपाल, बांग्लादेश से आ रहे व्यापारी
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हिमाचली सेब के मार्केट में दस्तक देते ही नेपाल और बांग्लादेश के व्यापारियों ने भी मंडियों में डेरा जमाना शुरू कर दिया है। उम्दा किस्म के सेब के मंडियों में होते ही यह व्यापारी विभिन्न मंडियों में सेब खरीद कर अपने देश भेजना शुरू कर देंगे।
फिलहाल, व्यापारी रेड डिलिशियस सेब का इंतजार कर रहे हैं। इसके बाजार में उतरने को तीन से चार दिन लग सकते हैं। विदेशी व्यापारियों के अलावा देश भर की विभिन्न मंडियों के व्यापारी भी सेब खरीद के लिए हिमाचल आ रहे हैं।
प्रदेश की मंडियों में इस साल टाइडमैन किस्म की आवक के साथ नए सेब सीजन की शुरुआत हो चुकी है। रेड डिलिशियस सेब चूंकि अलग पहचान रखता है। ऐसे में इस किस्म के बाजार में उतरने से पहले नेपाल और बांग्लादेश के व्यापारी हिमाचल पहुंच गए हैं।
सेब की इन किस्मों की है विदेशों में डिमांड
शिमला की सबसे बड़ी भट्टाकुफर फल मंडी में कोलकाता से पहुंचे मोहम्मद मुन्ना ने बताया कि देश की बड़ी मंडियों के अलावा वे नेपाल के लिए भी सेब भेजेंगे। पिछले कुछ वर्षों से कई व्यापारियों ने शिमला से सेब खरीदकर बांग्लादेश में सप्लाई किया।
इस बार भी वे सेब सीजन से अच्छे नफे की उम्मीद बांधे हुए हैं। बिहार के पटना से आए सेब कारोबारी अकबर ने भी बताया कि हिमाचल के रॉयल, रेड गोल्डन की देश भर की मंडियों समेत पड़ोसी देशों में भी मांग रहती है।
सेब के लिए जहां से भी मांग आएगी, उसे उन्हीं मंडियों में भेजा जाएगा। शिमला के आढ़ती संजीव सुंटा के अनुसार प्रदेश में सेब सीजन शुरू हो चुका है। देश के विभिन्न इलाकों से ही नहीं, पड़ोसी देशों नेपाल, बांग्लादेश से भी सेब के व्यापारी शिमला समेत हिमाचल की मंडियों में पहुंचने लगे हैं।
कहा कि देश-विदेश में सेब की मांग का फायदा स्थानीय बागवानों को उपज के अच्छे दाम के रूप में मिलता है। सेब के बढ़ते बाजार पर हिमाचल सरकार के प्रधान सचिव बागवानी जेसी शर्मा का कहना है कि प्रदेश के बागवान गुणवत्तायुक्त सेब उगा रहे हैं। यही वजह है कि हिमाचली सेब की खूब मांग रहती है। यह अच्छी बात है कि हिमाचल का सेब पड़ोसी देशों में भी जा रहा है।