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Shimla News: न की वीडियोग्राफी न गवाह बनाए, चिट्टे का आरोपी बरी
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ढली में पकड़ा था 31.72 ग्राम चिट्टा
चरस भी बरामद करने का किया था दावा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। विशेष सत्र न्यायाधीश-दो शिमला यजुवेंद्र सिंह की अदालत ने एनडीपीएस के तहत दर्ज मामले में आरोपी को बरी कर दिया है। सात साल पुराने मामले में अदालत ने पुलिस तफ्तीश में कई गंभीर खामियां और विरोधाभास पाते हुए आरोपी को संदेह का लाभ दिया है।
13 जून 2019 की रात को ढली थाना पुलिस टीम ने ढली चौक पर संजौली की तरफ से आ रहे एक ट्रक को जांच के लिए रोका। इसमें ठियोग निवासी आरोपी नरेश कुमार ट्रक चला रहा था। पुलिस ने दावा किया था कि उन्होंने जब ट्रक की तलाशी ली तो डैशबोर्ड के नीचे 105.50 ग्राम चरस और 31.72 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ था। पुलिस ने दलील दी थी कि कार्रवाई रात के समय हुई इसलिए कोई स्वतंत्र गवाह नहीं मिला लेकिन जिरह में पुलिस कर्मियों ने मान लिया कि उस दौरान सड़क से अन्य गाड़ियां गुजर रहीं थीं।
चौक पर दुकानें भी खुली थीं। अदालत ने कहा कि जब लोग मौजूद थे तो उन्हें गवाह क्यों नहीं बनाया गया। इस पूरी रिकवरी प्रक्रिया की कोई भी फोटो या वीडियोग्राफी नहीं की गई। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में पुलिस के सबूत और गवाह एक-दूसरे से मेल नहीं खा रहे हैं इसलिए आरोपी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।
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चरस भी बरामद करने का किया था दावा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। विशेष सत्र न्यायाधीश-दो शिमला यजुवेंद्र सिंह की अदालत ने एनडीपीएस के तहत दर्ज मामले में आरोपी को बरी कर दिया है। सात साल पुराने मामले में अदालत ने पुलिस तफ्तीश में कई गंभीर खामियां और विरोधाभास पाते हुए आरोपी को संदेह का लाभ दिया है।
13 जून 2019 की रात को ढली थाना पुलिस टीम ने ढली चौक पर संजौली की तरफ से आ रहे एक ट्रक को जांच के लिए रोका। इसमें ठियोग निवासी आरोपी नरेश कुमार ट्रक चला रहा था। पुलिस ने दावा किया था कि उन्होंने जब ट्रक की तलाशी ली तो डैशबोर्ड के नीचे 105.50 ग्राम चरस और 31.72 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ था। पुलिस ने दलील दी थी कि कार्रवाई रात के समय हुई इसलिए कोई स्वतंत्र गवाह नहीं मिला लेकिन जिरह में पुलिस कर्मियों ने मान लिया कि उस दौरान सड़क से अन्य गाड़ियां गुजर रहीं थीं।
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चौक पर दुकानें भी खुली थीं। अदालत ने कहा कि जब लोग मौजूद थे तो उन्हें गवाह क्यों नहीं बनाया गया। इस पूरी रिकवरी प्रक्रिया की कोई भी फोटो या वीडियोग्राफी नहीं की गई। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में पुलिस के सबूत और गवाह एक-दूसरे से मेल नहीं खा रहे हैं इसलिए आरोपी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।
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