लापरवाही: धर्मपुर में पेयजल टैंक में मिला मृत मिला बंदर
टैंक से धर्मपुर की गुल्हाड़ी पंचायत के गांव छटेरा में करीब 250 लोग जुड़े हैं, जिन पर जल जनित रोगों का खतरा मंडराने लगा है। कोरोनाकाल में जल शक्ति विभाग की लापरवाही लोगों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है।
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हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के गृह क्षेत्र धर्मपुर की गुल्हाड़ी पंचायत के गांव छटेरा में पेयजल भंडारण टैंक से एक मृत बंदर मिला है। नलों से बदबूदार पानी के साथ किसी जानवर के बाल आने पर इसका खुलासा हुआ। दूषित पानी की सप्लाई पर स्थानीय ग्रामीणों पंचायत उपप्रधान दिनेश गोवेर्धन को सूचित किया। निरीक्षण किया गया तो टैंक के अंदर किसी जानवर का शव तैरता दिखा। उपप्रधान ने जल शक्ति विभाग को तत्काल इस बाबत सूचित किया। विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर पेयजल आपूर्ति टैंक से मरे हुए बंदर को बाहर निकाला।
जानकारी के अनुसार इस टैंक से गांव के करीब 250 लोग जुड़े हैं, जिन पर जल जनित रोगों का खतरा मंडराने लगा है। कोरोनाकाल में जल शक्ति विभाग की लापरवाही लोगों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि जब से इस टैंक का निर्माण हुआ है तब से ही इस पर ढक्कन लगवाने के लिए कई बार विभाग को सूचित किया गया है। ग्रामीणों के बार-बार कहने पर भी विभाग ने टैंक पर ढक्कन लगाने की जरूरत नहीं समझी। ऐसे में लोगों को दूषित पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
जल शक्ति मंत्री को भेजी जाएगी शिकायत
उपप्रधान दिनेश गोवर्धन ने बताया कि टैंक में जानवर का पाया जाना विभाग की लापरवाही को दर्शाता है। साफ है कि विभाग के कर्मचारी बार-बार आग्रह पर भी टैंक का निरीक्षण नहीं करते हैं। पंचायत ने पहले भी भालो गांव के टैंक में गंदगी पाई थी और विभाग को टैंक साफ करने के निर्देश दिए थे। पंचायत से संबंधित शिकायत पत्र स्थानीय मंत्री व जल शक्ति मंत्री को जल्द प्रेषित किया जाएगा।
मामले की होगी जांच : सुमित सूद
जलशक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता सुमित सूद का कहना है कि यदि इस तरह की लापरवाही विभाग के कर्मचारियों द्वारा बरती गई है, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कर्मचारियों को टैंक को साफ करवाकर लोगों को स्वच्छ पानी उपलब्ध करवाने के निर्देश भी दिए हैं।
जलजनित रोग होने खतरा : बीएमओ
धर्मपुर स्वास्थ्य विभाग के बीएमओ अमित रंजन तलवार ने कहा कि टैंक में किसी भी जानवर के मरने से कई जल जनित रोगों जैसे टाइफाइड, कोलरा, डायरिया के होने का खतरा पैदा हो जाता है। टैंक की सप्लाई तुरंत प्रभाव से बंद कर, उसे साफ कर उसमें क्लोरीन की गोलियां या ब्लीचिंग पाउडर डालना चाहिए।