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संस्कृत को और व्यावहारिक और सरल बनाने की जरूरत: जयराम
Fri, 29 May 2020 05:55 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 29 May 2020 05:55 PM IST
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सीएम जयराम ने न्यूजलेटर का विमोचन किया।
- फोटो : सोशल मीडिया
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शुक्रवार को स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला के न्यूजलेटर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने संस्कृत को दूसरी भाषा का दर्जा दिया है और अब इस भाषा को और अधिक व्यावहारिक और सरल बनाने के प्रयास होने चाहिए ताकि इसे जनता के बीच लोकप्रिय बनाया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि बोर्ड द्वारा न्यूजलेटर को हिंदी, संस्कृत और अंग्रेजी में लाने का प्रयास वास्तव में प्रशंसनीय है।
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सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। राज्य सरकार ने विद्यार्थियों को गृह शिक्षण सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से दूरदर्शन ज्ञानशाला कार्यक्रम भी शुरू किया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि बोर्ड को सभी परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रयास करना चाहिए ताकि परीक्षाओं के दौरान विद्यार्थियों को अनुचित साधनों का उपयोग करने से रोका जा सके।
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उन्होंने मार्च 2019 की परीक्षा में असफल हुए विद्यार्थियों को स्टेट ओपन स्कूल प्रशिक्षणार्थियों के साथ-साथ उनके शैक्षणिक वर्ष को बचाने के लिए एक अवसर प्रदान करने के लिए बोर्ड के प्रयासों की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूली पाठ्यक्रम में नैतिक शिक्षा, वैदिक गणित और व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
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इस अवसर पर स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार सोनी ने बोर्ड की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि पहली बार स्कूलों में 45 परीक्षा केंद्रों का प्रबंधन ‘सावित्री बाई फुले’ के नाम से महिला कर्मचारियों की ओर से किया जाएगा। जो भारत की पहली महिला शिक्षक और 1848 में पुणे में पहले भारतीय गर्ल स्कूल की संस्थापक थीं। उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न स्कूल परिसरों में 1,09,315 पौधे भी लगाए गए हैं। निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. अमरजीत शर्मा इस अवसर पर मौजूद रहे।