कोरोना वायरस पीक पर पहुंचा तो सहयोग की जरूरत, सीएम ने विधायकों से किया आग्रह
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 का दौर अभी समाप्त नहीं हुआ है। कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। जब तक यह दौर पूरी तरह समाप्त नहीं होता, तब तक सजग रहने की जरूरत है। उन्होंने सदन में आग्रह किया कि चुने हुए प्रतिनिधियों की बात जनता सुनती है। मानसून सत्र के समापन पर सीएम ने कहा कि सरकार को पंचायतों, अन्य संस्थाओं और अन्य तमाम लोगों से सहयोग की जरूरत है।
विधायक इन संस्थाओं और लोगों से संपर्क में रहते हैं। कोरोना अगर पीक की ओर जाता है तो उसमें सहयोग के लिए आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने आम जन से भी आग्रह किया कि जिन्हें भी लक्षण हैं, वे अपना टेस्ट करवाएं। बहुत सारे लोग टेस्ट में देरी के कारण ज्यादा संक्रमित हुए हैं। टेस्टिंग ज्यादा करने की जरूरत है। एक बात सबके बीच रखनी जरूरी हैं, जो हालात बने हैं, उसके लिए सरकार के पास क्षमता है।
यहां रोजाना 300 से साढे़ 400 मामले आ रहे हैं। सरकार को अपनी क्षमता बढ़ानी है। अस्पताल में उन्हीं लोगों पर फोकस करने की जरूरत है, जो उम्रदराज हैं, जिनकी उम्र ज्यादा है। जो लक्षण वाले मामले हैं, उन्हें वक्त पर इलाज मिलना चाहिए। जो लोग पाजिटिव हैं, जिनमें लक्षण नहीं हैं, उनके लिए परिस्थिति अलग से निर्मित करने का प्रयास रहेगा। प्रदेश में कुुल मामलों में से 45 प्रतिशत लोग होम आईसोलेशन में हैं।
नोटिस और सवाल नहीं लगने पर विधायक नेगी ने जताई नाराजगी
कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी ने नियम 323 के तहत उनकी ओर से किए गए नोटिस और सवाल न लगाए जाने को लेकर नाराजगी जताई। कहा कि नियम 62 के तहत लाए जाने वाले ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत लोकहित के मामले उठाए जाते हैं, लेकिन उनके भेजे गए लोकहित के मामलों को शामिल नहीं किया गया। उनके सवाल और नोटिस रिजेक्ट होने की सूचना भी नहीं दी गई।
इस पर विस अध्यक्ष विपिन परमार ने कहा कि जो नोटिस और सवाल रह गए हैं, उन्हें आगामी शीतसत्र में लगाया जाएगा। उधर, वन मंत्री राकेश पठानिया ने कहा कि नेगी ने नियम 62 के तहत नोटिस दिया था। उसको लेकर चर्चा की गई। डीएफओ के अपने स्तर पर किए गए बीस तबादलों को उसी दिन रद्द कर दिया था। इसके बाद डीएफओ का भी तबादला कर दिया था। तकनीकी शिक्षा मंत्री रामलाल मारकंडा ने कहा कि चीन के सड़क बनाने को लेकर उनके बयान को तोड़मोड़ पेश किया जा रहा है।