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नौणी यूनिवर्सिटी में बढ़ेंगी इन कोर्सेज की सीटें!
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
Updated Fri, 25 Jul 2014 11:18 PM IST
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डा. यशवंत सिंह परमार यूनिवर्सिटी नौणी में बागवानी एवं वानिकी की सीटें बढ़ाई जाएंगी। इस पर जल्द फैसला होगा।
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यूनिवर्सिटी के कुलपति डा. विजय सिंह ठाकुर ने कहा कि बागवानी एवं वानिकी की सीटें बढ़ाई जाएंगी। हॉस्टल आदि की पर्याप्त व्यवस्था होने के बाद सीटों में 40 से 50 फीसदी इजाफा किया जा सकता है।
इसका मुख्य कारण विवि में आ रही फंड की कमी को पूरा करना है। अपना एक वर्ष का कार्यकाल पूरा करने पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए उपलब्धियां और खामियां भी गिनाईं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी फॉरेस्ट्री 53 और 47 हॉर्टीकल्चर से 100-100 सीटें कर दी गई हैं।
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इससे विवि को करीब 15 करोड़ की अधिक अर्निंग हुई है। यह फंड छात्रों की सुविधाओं पर खर्च किया जाएगा। इस दौरान विवि की रजिस्ट्रार रूपाली ठाकुर, स्टेट ऑफिसर पवन शर्मा, डा. एनपी सिंह, डा. जेपी शर्मा, डा. एमएल खान, डा. पीएस चौहान, बीसी शर्मा, पीआरओ पीडी भारद्वाज आदि मौजूद रहे।
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यह प्रस्तावित कार्य
दो वर्षों में विवि में एक मेस का निर्माण किया जाएगा। इसमें 9 हॉस्टलों के विद्यार्थी एक साथ खाना खा सकेंगे। मेस छात्र-छात्राओं के लिए अलग हाेंगी। विवि के 137 कर्मचारियों का जल्द लाभ मिलेगा। 10 नए प्रोजेक्ट किसानों के लिए आएंगे। हमीरपुर कॉलेज ऑफ फॉरेस्ट्री का उद्घाटन सीएम से करवाएंगे।
बजट की दरकार मुश्किल में प्रबंधन
वीसी ने कहा कि एक माह में सैलरी और पेंशन के लिए 6 करोड़ की आवश्यकता होती है, जबकि सरकार 4 करोड़ दे रही है। पिछले पांच वर्षों में 36 करोड़ की राशि बैलेंस पड़ी है। जून से विवि से सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन बंद कर दी गई है।
लीज की जमीन बेची तो दर्ज होगा मुकदमा
एक बड़ा खुलासा करते हुए वीसी ने कहा कि विवि परिसर स्थित चिन्मय विद्यालय को विवि ने 1992 में जमीन एक रुपये सालाना लीज पर 99 साल के लिए दी थी। यह विद्यायल विवि कर्मचारियों व स्थानीय लोगों के बच्चों के लिए बनाया गया था। मगर यह लीज आगे बेच दी है।
अब चिन्मय सेवा ट्रस्ट दिल्ली को कुछ निजी लोग चला रहे हैं। वर्ष 2004 ने जिला प्रशासन ने इसका लाइसेंस भी रिन्यूवल कर दिया। उन्होंने कहा कि यहां पर विवि की करीब 55 बीघा जमीन पर इस ट्रस्ट ने कब्जा किया है। अवैध रूप से विवि में कंस्ट्रक्शन कर रहे हैं। कब्जा करने वालों के खिलाफ धारा 118 के तहत मामला दर्ज करवाया जाएगा।