नेता ने महिला कर्मचारी पर की नस्लीय टिप्पणी, एसटी कमीशन ने दिया नोटिस
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शिक्षा निदेशालय में शिक्षकों और गैर शिक्षकों की लड़ाई का मामला मुख्यमंत्री के बाद नेशनल एसटी कमीशन दिल्ली पहुंच गया है। आरोप है कि शिक्षक संघ के नेता वीरेंद्र चौहान ने निदेशालय में तैनात महिला कर्मचारी पर नस्लीय टिप्पणी की है। महिला जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति से है।
महिला की शिकायत पर राष्ट्रीय जनजातीय आयोग ने मामले को गंभीरता से लिया है। नेशनल एसटी कमीशन के उपाध्यक्ष रवि ठाकुर ने कहा कि इस तरह की नस्लीय टिप्पणी संविधान के खिलाफ है। आयोग प्रदेश के ट्राइबल कमीशन को पत्र भेजकर स्पष्टीकरण मांगेगा। दिल्ली कार्यालय से पत्र जारी कर दिया गया है।
छात्र संगठनों के अलावा जनजातीय कर्मचारी संघ और टीचर यूनियनों ने नस्लीय टिप्पणी को आदर्श समाज के लिए घातक बताया है। प्रदेश के पूर्व सचिव एएन विद्यार्थी ने भी घटना की निंदा की है। प्रदेश के पूर्व स्वास्थ्य निदेशक डॉ. बीएस रावल ने मुख्यसचिव से इस बारे में बात की है।
एचपीयू में प्रोफेसर एवं लाहौल-स्पीति कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डॉ. चंद्रमोहन परशीरा ने भी घटना की निंदा की है। शिक्षा निदेशक को पत्र लिखकर उक्त महिला कर्मचारी के सम्मान की रक्षा करने की मांग की है। कहा कि प्रतिनिधिमंडल मुख्यसचिव से मिलकर मामले को सुलझाने की बात करेगा।
लाहौल-स्पीति सीएंडवी संघ के अध्यक्ष वांग्चू शास्त्री, प्रवक्ता संघ के अध्यक्ष रघुवीर सिंह, जेबीटी संघ के राजेश, जनजातीय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष शिवलाल और प्रधान संघ के अध्यक्ष वीर सिंह ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है।
जनजातीय अध्यापकों का प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा
शिक्षा निदेशालय में तैनात जनजातीय महिला कर्मचारी के साथ नस्लीय टिप्पणी के विरोध में लाहौल-स्पीति अध्यापक संघ की पूरी कार्यकारणी ने राज्य अध्यापक संघ की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया है।
अध्यक्ष रघुवीर सिंह ने कहा कि इस घटना ने हिमाचल जैसे शांत प्रदेश के सामाजिक वातावरण में जहर फैलने के संकेत दिए हैं। इसके विरोध में सभी सदस्यों ने संघ की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया है।