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उपलब्धि: स्नातक और होटल मैनेजमेंट करने के बाद नरेंद्र ने की मशरूम की खेती, हर साल कमा रहे 15 लाख

Wed, 01 Feb 2023 06:15 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Wed, 01 Feb 2023 06:15 PM IST
सार

नरेश ने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से मिली सहायता और विशेष ट्रेनिंग के बाद अच्छी आय की शुरुआत हुई। वर्ष 2020 तक पिछले सभी प्रकार के ऋण चुका दिए।

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Narender mushroom farming success story bilaspur himachal pradesh
नरेंद्र सिंह - फोटो : संवाद

विस्तार

बिलासपुर जिले के नम्होल के रहने वाले नरेंद्र सिंह ने स्नातक शिक्षा, होटल मैनेजमेंट करने के बाद नौकरी नहीं बल्कि अपना कारोबार करने की ठानी। नतीजा आज सामने है। नरेंद्र ग्राम पंचायत निहारखंण बासला के गांव पलोग में ऑर्गेनिक मशरूम की खेती कर रहे हैं। नरेंद्र राष्ट्रीय स्तर पर बेस्ट मशरूम ग्रोवर अवार्ड ऑफ इंडिया जीत चुके हैं। उन्होंने साल 2008 में 100 मशरूम कंपोस्ट बैग से मशरूम उत्पादन के क्षेत्र में कदम रखा। इस पर सिर्फ आठ हजार रुपये खर्च किए।

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आज वह लगभग 15 लाख रुपये साल का कारोबार कर रहे हैं। वह अब तक हजारों लोगों को मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण भी दे चुके हैं। नरेंद्र ने साल 2008 में होटल मैनेजमेंट की ट्रेनिंग करने के बाद विज्ञापन के माध्यम से मशरूम खेती में उद्यान विभाग के माध्यम से प्रदान किए जा रहे विभिन्न प्रकार के अनुदान और लोगों को मशरूम खेती से संबंधित दिए जाने वाले प्रशिक्षण के बारे में जानकारी प्राप्त की। इसके बाद उद्यान विभाग बिलासपुर के माध्यम से सोलन के चंबाघाट में आईसीएआर के डायरेक्टरेट ऑफ मशरूम रिसर्च केंद्र सोलन में प्रशिक्षण लेते रहे।
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शुरू में आसान नहीं था कारोबार करना
शुरुआत में उत्तम गुणवत्ता वाली खाद और अन्य सहायक वस्तुएं नहीं मिलने पर थोड़ा नुकसान जरूर होता रहा और फिर कुछ समय बाद काम बंद करने की सोची, लेकिन डायरेक्टरेट ऑफ मशरूम रिसर्च केंद्र सोलन और उद्यान विभाग बिलासपुर से लगातार मार्गदर्शन मिलने के बाद 2014 में कंपोस्ट और बीम्का का एक प्रोजेक्ट तैयार की। साल 2014 में कंपोस्ट और बीच का प्रोजेक्ट तैयार करने के बाद उद्यान विभाग के माध्यम से पलोग में एग्रो हिल मशरूम फार्म स्थापित किया।
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रोजगार ढूंढने और नौकरी देने तक का सफर
नरेंद्र शुरू में दूसरे युवाओं की तरह किसी कंपनी में काम करने की सोची। सही समय पर उद्यान विभाग के सही परामर्श से आज उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। अब उनके इस फार्म में आठ से 10 लोगों को सालभर के लिए रोजगार उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त फार्म के अन्य कार्यों के लिए लोगों को भी जरूरत के मुताबिक समय-समय पर रोजगार उपलब्ध होता है। खाद और मशरूम की सप्लाई बिलासपुर जिले के साथ सोलन, मंडी, हमीरपुर, ऊना आदि जिलों में हो रही है और कंपोस्ट की इतनी मांग है कि इस मांग को पूरी नहीं कर पा रहे हैं।


नरेश ने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से मिली सहायता और विशेष ट्रेनिंग के बाद अच्छी आय की शुरुआत हुई। वर्ष 2020 तक पिछले सभी प्रकार के ऋण चुका दिए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020-21 में 14,000 मशरूम कंपोस्ट बैग और 10,000 किलो बीज का उत्पादन और वितरण किया गया लगभग 25 लाख का कारोबार हुआ है।

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