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नाम सुपर स्पेशलिटी अस्पताल : ईको समेत होल्डर मॉनिटरिंग और एबीपीएम टेस्ट बंद
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अस्पताल में तकनीकी कर्मचारियों की कमी से नहीं हो पा रहे जरूरी जांच, एकमात्र जांच कर्मचारी का भी तबादला
पदोन्नति के बाद हमीरपुर किया गया स्थानांतरित
कार्डियोलॉजी अध्यक्ष ने प्राचार्य को लिखा पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशलिटी (एआईएमएसएस) चमियाना के कार्डियोलॉजी विभाग में महत्वपूर्ण जांच सेवाएं ठप हो गई हैं।
अस्पताल में ईकोकार्डियोग्राफी (ईसीएचओ), होल्टर मॉनिटरिंग और एंबुलेटरी ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग (एबीपीएम) टेस्ट नहीं हो रहे हैं। इसका सीधा असर मरीजों की जांच और उपचार पर पड़ रहा है। हार्ट अटैक जैसी गंभीर स्थिति में ईको टेस्ट महत्वपूर्ण जांचों में शामिल है।अस्पताल में यह सुविधाएं नहीं मिलने से प्रदेशभर से चमियाना आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है और उन्हें निजी क्लीनिकों में जांच करवाने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। विभाग की ईको लैब में कार्यरत एकमात्र तकनीकी कर्मचारी को पदोन्नति के बाद डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज, हमीरपुर में स्थानांतरित कर दिया है। इसके बाद कर्मचारी को रिलीव कर दिया गया। इस संबंध में विभागाध्यक्ष ने अस्पताल के प्राचार्य को पत्र लिखकर जल्द प्रशिक्षित तकनीकी कर्मचारियों को लैब में तैनात करने की मांग की है, ताकि जांच सेवाएं दोबारा शुरू की जा सकें। तकनीकी कर्मचारी के रिलीव होने के बाद अस्पताल में प्रशिक्षित तकनीकी स्टाफ की कमी हो गई है। जांच सेवाओं को संचालित करने के लिए फिलहाल कोई प्रशिक्षित तकनीकी कर्मचारी उपलब्ध नहीं है। इस कारण अस्पताल में तीनों जांचें बंद करनी पड़ी हैं। इससे हृदय रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
कर्मचारियों की कमी से दिक्कत
विभागाध्यक्ष की ओर से भेजे पत्र में बताया है कि ईको, होल्टर मॉनिटरिंग और एबीपीएम जांच के लिए मरीज की तैयारी, उपकरण संचालन, डेटा रिकॉर्डिंग, प्रारंभिक तकनीकी आकलन और उपकरणों की उचित देखभाल के लिए प्रशिक्षित तकनीकी कर्मचारियों की आवश्यकता होती है। स्टाफ उपलब्ध नहीं होने से इन सेवाओं को सुरक्षित और प्रभावी तरीके से जारी रखना संभव नहीं है। ऐसे में कर्मचारियों की व्यवस्था होने तक तीनों सेवाओं को निलंबित रखा जाएगा।
इनसेट
प्रदेशभर से पहुंचते हैं हृदय रोगी चमियाना अस्पताल में प्रदेशभर से हृदय रोगी उपचार के लिए आते हैं। गंभीर स्थिति में भी हृदय रोगियों को सुपर स्पेशलिटी सेवाओं के लिए यहां रेफर किया जाता है। ऐसे में अस्पताल में जांच सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। मरीजों को जांच के लिए आपात स्थिति में भी निजी क्लीनिकों का रुख करना पड़ सकता है। चमियाना अस्पताल में फिलहाल इस तरह की जांच सुविधाएं भी सीमित हैं। ऐसे में यदि कोई मरीज आपात स्थिति में रेफर होकर अस्पताल पहुंचता है तो जांच सुविधाओं के अभाव में परेशानी और बढ़ सकती है।
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कोट
सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में तैनात तकनीशियन आईजीएमसी के अधीन था। तकनीकी कर्मचारी की पदोन्नति हो गई है, ऐसे में वह रिलीव हो गया। जैसे ही विभाग से पत्र प्राप्त हुआ, वैसे ही दूसरा तकनीशियन तैनात कर दिया है। मरीजों को परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
-डॉ. ब्रिज शर्मा, प्राचार्य, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना
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पदोन्नति के बाद हमीरपुर किया गया स्थानांतरित
कार्डियोलॉजी अध्यक्ष ने प्राचार्य को लिखा पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशलिटी (एआईएमएसएस) चमियाना के कार्डियोलॉजी विभाग में महत्वपूर्ण जांच सेवाएं ठप हो गई हैं।
अस्पताल में ईकोकार्डियोग्राफी (ईसीएचओ), होल्टर मॉनिटरिंग और एंबुलेटरी ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग (एबीपीएम) टेस्ट नहीं हो रहे हैं। इसका सीधा असर मरीजों की जांच और उपचार पर पड़ रहा है। हार्ट अटैक जैसी गंभीर स्थिति में ईको टेस्ट महत्वपूर्ण जांचों में शामिल है।अस्पताल में यह सुविधाएं नहीं मिलने से प्रदेशभर से चमियाना आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है और उन्हें निजी क्लीनिकों में जांच करवाने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। विभाग की ईको लैब में कार्यरत एकमात्र तकनीकी कर्मचारी को पदोन्नति के बाद डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज, हमीरपुर में स्थानांतरित कर दिया है। इसके बाद कर्मचारी को रिलीव कर दिया गया। इस संबंध में विभागाध्यक्ष ने अस्पताल के प्राचार्य को पत्र लिखकर जल्द प्रशिक्षित तकनीकी कर्मचारियों को लैब में तैनात करने की मांग की है, ताकि जांच सेवाएं दोबारा शुरू की जा सकें। तकनीकी कर्मचारी के रिलीव होने के बाद अस्पताल में प्रशिक्षित तकनीकी स्टाफ की कमी हो गई है। जांच सेवाओं को संचालित करने के लिए फिलहाल कोई प्रशिक्षित तकनीकी कर्मचारी उपलब्ध नहीं है। इस कारण अस्पताल में तीनों जांचें बंद करनी पड़ी हैं। इससे हृदय रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
कर्मचारियों की कमी से दिक्कत
विभागाध्यक्ष की ओर से भेजे पत्र में बताया है कि ईको, होल्टर मॉनिटरिंग और एबीपीएम जांच के लिए मरीज की तैयारी, उपकरण संचालन, डेटा रिकॉर्डिंग, प्रारंभिक तकनीकी आकलन और उपकरणों की उचित देखभाल के लिए प्रशिक्षित तकनीकी कर्मचारियों की आवश्यकता होती है। स्टाफ उपलब्ध नहीं होने से इन सेवाओं को सुरक्षित और प्रभावी तरीके से जारी रखना संभव नहीं है। ऐसे में कर्मचारियों की व्यवस्था होने तक तीनों सेवाओं को निलंबित रखा जाएगा।
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इनसेट
प्रदेशभर से पहुंचते हैं हृदय रोगी चमियाना अस्पताल में प्रदेशभर से हृदय रोगी उपचार के लिए आते हैं। गंभीर स्थिति में भी हृदय रोगियों को सुपर स्पेशलिटी सेवाओं के लिए यहां रेफर किया जाता है। ऐसे में अस्पताल में जांच सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। मरीजों को जांच के लिए आपात स्थिति में भी निजी क्लीनिकों का रुख करना पड़ सकता है। चमियाना अस्पताल में फिलहाल इस तरह की जांच सुविधाएं भी सीमित हैं। ऐसे में यदि कोई मरीज आपात स्थिति में रेफर होकर अस्पताल पहुंचता है तो जांच सुविधाओं के अभाव में परेशानी और बढ़ सकती है।
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कोट
सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में तैनात तकनीशियन आईजीएमसी के अधीन था। तकनीकी कर्मचारी की पदोन्नति हो गई है, ऐसे में वह रिलीव हो गया। जैसे ही विभाग से पत्र प्राप्त हुआ, वैसे ही दूसरा तकनीशियन तैनात कर दिया है। मरीजों को परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
-डॉ. ब्रिज शर्मा, प्राचार्य, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना