प्रदूषित शहरों में सुंदरनगर का नाम होना चिंतनीय : राकेश जम्वाल
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देश के 200 प्रदूषित नगरों में शामिल मंडी जिले के सुंदरनगर की हवा पापा (पॉल्यूशन एबिटिंग प्लांटेशन अभियान) सुधारेगा। नगर परिषद सुंदरनगर 13 पार्कों में पौधरोपण करेगी। साथ ही वायु गुणवत्ता में सुधार की जांच भी की जाएगी।
सुंदरनगर के विधायक राकेश जम्वाल सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों की सूची में सुंदरनगर का नाम होने से उत्पन्न स्थिति पर प्रस्ताव लाए। कहा कि प्रदेश के सात प्रदूषित शहरों में बद्दी, नालागढ़, पांवटा साहिब, डमटाल, कालाअंब और परवाणू औद्योगिक क्षेत्र होने से वहां वायु प्रदूषण हो सकता है, लेकिन सुंदरनगर
में वायु प्रदूषण होना चिंता का विषय है। यहां कोई औद्योगिक इकाई नहीं है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि वायु प्रदूषण रोकने और हरित हिमालय के उद्देश्य से चलाए गए अभियान के तहत शहर में पौधरोपण किया जाएगा। प्रदेश में 25 केंद्रों पर प्रदूषण की जांच की जा रही है। इसमें दो सुंदरनगर में स्थापित किए हैं।
स्वीकृति मिलते ही शुरू होगा जलोड़ी जोत सुरंग का काम
आनी विधानसभा क्षेत्र के तहत जलोड़ी जोत के नीचे सुरंग का निर्माण किया जाएगा। विभाग शीघ्र इसकी डीपीआर केंद्र को भेजेगा। यह जानकारी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आनी के विधायक किशोरी लाल के प्रश्न के उत्तर में दी।
सीएम ने कहा कि सुरंग बनने से आनी और बंजार दो विस क्षेत्र के लोगों को फायदा होगा। जोत में 4.20 किलोमीटर डबल लेन सुरंग बनाई जाएगी। कंसलटेंट नियुक्त करने के लिए केंद्र सरकार को 6.36 करोड़ का रफ कोस्ट एस्टीमेट बनाकर स्वीकृति को भेजा है।