नाबार्ड: मंडी के सरोआ गांव में हथकरघा को बढ़ावा देने को दिए 90 लाख
प्रभारी अधिकारी नाबार्ड डॉ. सुधांशु केके मिश्रा ने बताया कि राज्य में हथकरघा क्षेत्र में स्थायी रोजगार के अवसर को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत नाबार्ड हिमाचल प्रदेश ने मंडी के सरोआ गांव में हथकरघा पर गैर कृषि उत्पादक संगठन के गठन और पोषण के लिए मंडी साक्षरता एवं जन विकास समिति को अनुदान सहायता के रूप में 90 लाख 11 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की है।
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नाबार्ड ने हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी के गोहर ब्लॉक के गांव सरोआ गांव में हथकरघा को बढ़ावा देने के लिए 90 लाख 11 हजार रुपये की अनुदान राशि स्वीकृत की है। हथकरघा क्षेत्र में स्थायी रोजगार को बढ़ावा देने के लिए यह राशि जारी की गई है। इसके तहत कारीगर पट्टू, मफलर, शॉल, स्ट्रॉल का उत्पादन किया जाएगा। उत्पाद और डिजाइन विविधीकरण के लिए भी प्रयास किए जाएंगे। प्रभारी अधिकारी नाबार्ड डॉ. सुधांशु केके मिश्रा ने बताया कि राज्य में हथकरघा क्षेत्र में स्थायी रोजगार के अवसर को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत नाबार्ड हिमाचल प्रदेश ने मंडी के सरोआ गांव में हथकरघा पर गैर कृषि उत्पादक संगठन के गठन और पोषण के लिए मंडी साक्षरता एवं जन विकास समिति को अनुदान सहायता के रूप में 90 लाख 11 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की है।
सरोआ गांव के 500 से अधिक कारीगरों को उनके हथकरघा उत्पादों के डिजाइन नवाचार और सामूहिक विपणन में सहायता मिलेगी। इस परियोजना के अंतर्गत नाबार्ड तीन साल की अवधि के लिए कारीगरों के प्रशिक्षण क्षमता निर्माण, कार्यशील, पूंजी सहायता, प्रत्यक्ष विपणन, सामान्य सुविधा केंद्र के लिए बुनियादी ढांचे का समर्थन, उपकरणों के लिए समर्थन और विभिन्न अन्य कार्यों के लिए सहायता व गतिविधियों के लिए अनुदान सहायता प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि परियोजना का मुख्य उद्देश्य कारीगरों और बुनकरों की आय में उचित वृद्धि करना, कार्य से सूक्ष्म उद्यमिता में कर्मिक बदलाव लाना, उत्पादकता में वृद्धि, उत्पादन का एकत्रीकरण, मूल्यवर्धन तथा ऑफ फार्म के माध्यम से सामूहिक विपणन करना है।