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Shimla News: एडवांस्ड स्टडी में मायलॉफ्ट डिजिटल लाइब्रेरी सेवा शुरू
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निदेशक प्रो. हिमांशु ने किया शुभारंभ
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (एडवांस्ड स्टडी) शिमला के पुस्तकालय ने शोध कार्यों को आसान बनाने के लिए मायलॉफ्ट आधारित लाइब्रेरी मोबाइल एप और पीसी-लैपटॉप रिमोट एक्सेस सेवा शुरू की है। इस सुविधा के माध्यम से संस्थान के फेलो, एसोसिएट्स, शोधार्थी, अधिकारी और कर्मचारी कहीं से भी डिजिटल पुस्तकालय संसाधनों का उपयोग कर सकेंगे।
सेवा का शुभारंभ संस्थान के निदेशक प्रो. हिमांशु कुमार चतुर्वेदी ने किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान शोध परिवेश में डिजिटल माध्यम से ज्ञान संसाधनों तक त्वरित पहुंच जरूरी है। नई सुविधा से शोधकर्ताओं को विश्वस्तरीय अकादमिक सामग्री उपलब्ध होगी और शोध संस्कृति को मजबूती मिलेगी। संस्थान के पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार मिश्रा ने बताया कि मायलॉफ्ट प्लेटफॉर्म के जरिये अधिकृत उपयोगकर्ता मोबाइल एप और वेब ब्राउजर से ई-पुस्तकों, ई-जर्नलों, शोध पत्रिकाओं और डेटाबेस तक पहुंच बना सकेंगे। शोध कार्य परिसर के बाहर भी जारी रखा जा सकेगा। सेवा के माध्यम से वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन के तहत लगभग 30 अंतरराष्ट्रीय प्रकाशकों की 13 हजार से अधिक शोध पत्रिकाओं सहित जेस्टोर के 2800 से अधिक अकादमिक जर्नल और प्रतिष्ठित प्रकाशकों की ई-पुस्तकें उपलब्ध होंगी। पुस्तकालय ने शोध सहायता सेवाओं को भी मजबूत किया है। इसमें संदर्भ प्रबंधन उपकरण, भाषा सुधार और समानता जांच सेवाओं की जानकारी उपलब्ध करवाई है। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (एडवांस्ड स्टडी) शिमला के पुस्तकालय ने शोध कार्यों को आसान बनाने के लिए मायलॉफ्ट आधारित लाइब्रेरी मोबाइल एप और पीसी-लैपटॉप रिमोट एक्सेस सेवा शुरू की है। इस सुविधा के माध्यम से संस्थान के फेलो, एसोसिएट्स, शोधार्थी, अधिकारी और कर्मचारी कहीं से भी डिजिटल पुस्तकालय संसाधनों का उपयोग कर सकेंगे।
सेवा का शुभारंभ संस्थान के निदेशक प्रो. हिमांशु कुमार चतुर्वेदी ने किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान शोध परिवेश में डिजिटल माध्यम से ज्ञान संसाधनों तक त्वरित पहुंच जरूरी है। नई सुविधा से शोधकर्ताओं को विश्वस्तरीय अकादमिक सामग्री उपलब्ध होगी और शोध संस्कृति को मजबूती मिलेगी। संस्थान के पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार मिश्रा ने बताया कि मायलॉफ्ट प्लेटफॉर्म के जरिये अधिकृत उपयोगकर्ता मोबाइल एप और वेब ब्राउजर से ई-पुस्तकों, ई-जर्नलों, शोध पत्रिकाओं और डेटाबेस तक पहुंच बना सकेंगे। शोध कार्य परिसर के बाहर भी जारी रखा जा सकेगा। सेवा के माध्यम से वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन के तहत लगभग 30 अंतरराष्ट्रीय प्रकाशकों की 13 हजार से अधिक शोध पत्रिकाओं सहित जेस्टोर के 2800 से अधिक अकादमिक जर्नल और प्रतिष्ठित प्रकाशकों की ई-पुस्तकें उपलब्ध होंगी। पुस्तकालय ने शोध सहायता सेवाओं को भी मजबूत किया है। इसमें संदर्भ प्रबंधन उपकरण, भाषा सुधार और समानता जांच सेवाओं की जानकारी उपलब्ध करवाई है। संवाद
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