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पैसों के लेनदेन में हुई थी ठेकेदार की हत्या
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शिमला। ठेकेदार की हत्या के मामले में आरोपी ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी ने ठेेकेदार से तीस हजार रुपये लेने थे। घटना के दिन 12 अक्तूबर को ठेकेदार आरोपी को कह रहा था कि वह दिवाली के बाद उसको पैसे देगा। इसी बात को लेकर दोनों में कहासुनी हुई और शाम के समय आरोपी ने ठेेकेदार की हत्या कर दी।
हालांकि इससे पहले दोनों शोघी में एक साथ बैठे थे। इसके बाद ठेकेदार जयराम वापस पनोग पंचायत स्थित अपने क्वार्टर के लिए निकल गया। लेकिन आरोपी की मंशा कुछ और ही थी। आरोपी भी ठेकेदार के पीछे चल पड़ा और शोघी के पास थड़ी पंचायत घर के साथ लगते जंगल में ठेकेदार पर पीछे से हमला कर दिया। इससे ठेकेदार की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शनिवार को आरोपी को अदालत में पेश किया। जहां से इसे सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। इससे पहले पुलिस ने आरोपी को दिल्ली के लाल किला क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। आरोपी ने पुलिस जांच में कबूला कि उसने ठेकेदार की हत्या करने के बाद उसका एटीएम कार्ड चुराकर दिल्ली भाग गया था। आरोपी ने ठेकेदार के एटीएम कार्ड से पच्चीस हजार रुपये निकाले। आरोपी ने दो बार दस-दस हजार और एक बार पांच हजार रुपये निकाले। इधर, डीएसपी हेडक्वार्टर प्रमोद शुक्ला ने बताया कि आरोपी ने ठेकेदार की हत्या पैसे के लेनदेन के लिए की। मामले की तफ्तीश जारी है।
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यह है मामला
पुलिस के मुताबिक जयराम अपने साले और एक अन्य रिश्तेदार के साथ 2016 से पनोग गांव में किराये के मकान में रहता था। 12 अक्तूबर को साले को यह कहकर शोघी के लिए निकला था कि वह सब्जी लाने जा रहा है। लेकिन देर शाम तक नहीं लौटा और मोबाइल फोन भी बंद था। इसी बीच उन्होंने उसके भाई को यह जानकारी दी। दिनभर तलाश करने के बाद जयराम का कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद 13 अक्तूबर को बालूगंज थाने जाकर भाई के गुम होने की शिकायत दर्ज करवाई। 14 अक्तूबर शाम शोघी के पास थड़ी पंचायत घर के साथ लगते जंगल में खून से सना उसका शव मिला।
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हालांकि इससे पहले दोनों शोघी में एक साथ बैठे थे। इसके बाद ठेकेदार जयराम वापस पनोग पंचायत स्थित अपने क्वार्टर के लिए निकल गया। लेकिन आरोपी की मंशा कुछ और ही थी। आरोपी भी ठेकेदार के पीछे चल पड़ा और शोघी के पास थड़ी पंचायत घर के साथ लगते जंगल में ठेकेदार पर पीछे से हमला कर दिया। इससे ठेकेदार की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शनिवार को आरोपी को अदालत में पेश किया। जहां से इसे सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। इससे पहले पुलिस ने आरोपी को दिल्ली के लाल किला क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। आरोपी ने पुलिस जांच में कबूला कि उसने ठेकेदार की हत्या करने के बाद उसका एटीएम कार्ड चुराकर दिल्ली भाग गया था। आरोपी ने ठेकेदार के एटीएम कार्ड से पच्चीस हजार रुपये निकाले। आरोपी ने दो बार दस-दस हजार और एक बार पांच हजार रुपये निकाले। इधर, डीएसपी हेडक्वार्टर प्रमोद शुक्ला ने बताया कि आरोपी ने ठेकेदार की हत्या पैसे के लेनदेन के लिए की। मामले की तफ्तीश जारी है।
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यह है मामला
पुलिस के मुताबिक जयराम अपने साले और एक अन्य रिश्तेदार के साथ 2016 से पनोग गांव में किराये के मकान में रहता था। 12 अक्तूबर को साले को यह कहकर शोघी के लिए निकला था कि वह सब्जी लाने जा रहा है। लेकिन देर शाम तक नहीं लौटा और मोबाइल फोन भी बंद था। इसी बीच उन्होंने उसके भाई को यह जानकारी दी। दिनभर तलाश करने के बाद जयराम का कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद 13 अक्तूबर को बालूगंज थाने जाकर भाई के गुम होने की शिकायत दर्ज करवाई। 14 अक्तूबर शाम शोघी के पास थड़ी पंचायत घर के साथ लगते जंगल में खून से सना उसका शव मिला।
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