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Shimla News: निर्माण से निकला मलबा हटाने पर ही अब ठेकेदारों को जारी होगा पैसा
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सभी विभागों को इस बारे में जारी होंगे निर्देश, डंपिंग साइट तक पहुंचाना होगा सारा मलबा
शहर में कई निर्माण स्थलों पर काम पूरा होने के बावजूद नहीं उठाया है मलबा, लोग हो रहे परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में सरकारी निर्माणकार्याें से निकलने वाला सारा मलबा अब ठेकेदार को उठाना होगा। ऐसा करने के बाद ही ठेकेदार को काम का पूरा पैसा जारी होगा। नगर निगम ने इस बारे में सख्त दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। अन्य सरकारी महकमों को भी इस बारे में निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
शहर में सड़कों, रास्तों से लेकर पार्किंग, फ्लाईओवर और भवन बनाने जैसे कई काम सरकारी महकमे ठेकेदारों से करवा रहे हैं। नियमानुसार निर्माण से निकलने वाला मलबा उठाना ठेकेदार की जिम्मेदारी है। बाकायदा ठेकेदार को यह बताना भी अनिवार्य है कि वह इस मलबे को कहां फेंकेगा। चिह्नित स्थानों पर ही यह मलबा फेंकने की मंजूरी मिलती है। निर्माण की यह शर्तें तय होने के बावजूद कई ठेकेदार इनका पालन नहीं कर रहे। इसके चलते वार्डाें में जगह-जगह सड़कों और रास्तों पर निर्माण का मलबा डंप किया जा रहा है। इससे लोग परेशान हो रहे हैं। कई पार्षद इसको लेकर नगर निगम सदन में भी सवाल उठा चुके हैं। पार्षदों का कहना है कि वार्डाें में जगह-जगह ठेकेदार मलबे के ढेर लगा रहे हैं। कई निर्माणकार्याें के पास अभी भी मलबा पड़ा है। ठेकेदार निर्माण का पैसा लेकर गायब हो रहे हैं। यह मलबा कोई नहीं उठा रहा। इस पर निगम प्रशासन ने अधिकारियों को सख्ती के निर्देश दिए हैं। मलबा हटाने के बाद ही अब ठेकेदार को पूरा पैसा जारी होगा।
नगर निगम के संयुक्त आयुक्त डॉ. भुवन शर्मा ने कहा कि निर्माण के बाद मलबा न उठाने वाले ठेकेदारों पर अब सख्ती होगी। इस बारे में सख्त निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
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निजी निर्माण के मलबे पर भी सख्ती
नगर निगम के अनुसार निजी भवन के निर्माण के दौरान निकलने वाला मलबा भी चिह्नित स्थान पर ही फेंका जा सकता है। यदि कोई भवन मालिक अवैध डंपिंग करते हुए पकड़ा जाता है तो उसका नक्शा तक रद्द हो सकता है। नगर निगम के अनुसार शहर में भरयाल के पास मलबा फेंकने के लिए जगह चिह्नित है। नगर निगम जल्द ही लोगों को मलबा उठाने के लिए वाहनों की सुविधा भी देने जा रहा है।
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शहर में कई निर्माण स्थलों पर काम पूरा होने के बावजूद नहीं उठाया है मलबा, लोग हो रहे परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में सरकारी निर्माणकार्याें से निकलने वाला सारा मलबा अब ठेकेदार को उठाना होगा। ऐसा करने के बाद ही ठेकेदार को काम का पूरा पैसा जारी होगा। नगर निगम ने इस बारे में सख्त दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। अन्य सरकारी महकमों को भी इस बारे में निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
शहर में सड़कों, रास्तों से लेकर पार्किंग, फ्लाईओवर और भवन बनाने जैसे कई काम सरकारी महकमे ठेकेदारों से करवा रहे हैं। नियमानुसार निर्माण से निकलने वाला मलबा उठाना ठेकेदार की जिम्मेदारी है। बाकायदा ठेकेदार को यह बताना भी अनिवार्य है कि वह इस मलबे को कहां फेंकेगा। चिह्नित स्थानों पर ही यह मलबा फेंकने की मंजूरी मिलती है। निर्माण की यह शर्तें तय होने के बावजूद कई ठेकेदार इनका पालन नहीं कर रहे। इसके चलते वार्डाें में जगह-जगह सड़कों और रास्तों पर निर्माण का मलबा डंप किया जा रहा है। इससे लोग परेशान हो रहे हैं। कई पार्षद इसको लेकर नगर निगम सदन में भी सवाल उठा चुके हैं। पार्षदों का कहना है कि वार्डाें में जगह-जगह ठेकेदार मलबे के ढेर लगा रहे हैं। कई निर्माणकार्याें के पास अभी भी मलबा पड़ा है। ठेकेदार निर्माण का पैसा लेकर गायब हो रहे हैं। यह मलबा कोई नहीं उठा रहा। इस पर निगम प्रशासन ने अधिकारियों को सख्ती के निर्देश दिए हैं। मलबा हटाने के बाद ही अब ठेकेदार को पूरा पैसा जारी होगा।
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नगर निगम के संयुक्त आयुक्त डॉ. भुवन शर्मा ने कहा कि निर्माण के बाद मलबा न उठाने वाले ठेकेदारों पर अब सख्ती होगी। इस बारे में सख्त निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
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निजी निर्माण के मलबे पर भी सख्ती
नगर निगम के अनुसार निजी भवन के निर्माण के दौरान निकलने वाला मलबा भी चिह्नित स्थान पर ही फेंका जा सकता है। यदि कोई भवन मालिक अवैध डंपिंग करते हुए पकड़ा जाता है तो उसका नक्शा तक रद्द हो सकता है। नगर निगम के अनुसार शहर में भरयाल के पास मलबा फेंकने के लिए जगह चिह्नित है। नगर निगम जल्द ही लोगों को मलबा उठाने के लिए वाहनों की सुविधा भी देने जा रहा है।