{"_id":"014c025ea01ef1cd80e339563e55c63b","slug":"municipal-corporation-shimla-monthly-meeting-hindi-news-1","type":"story","status":"publish","title_hn":"मालरोड के सुंदरीकरण प्रोजेक्ट पर योजनाकारों ने उठाए सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मालरोड के सुंदरीकरण प्रोजेक्ट पर योजनाकारों ने उठाए सवाल
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Sat, 27 Feb 2016 07:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मालरोड के सुंदरीकरण के लिए चलाए जा रहे ‘ब्यूटीफिकेशन ऑफ मालरोड प्रोजेक्ट’ में लीपापोती की जा रही है। बेहद लापरवाह तरीके से काम हो रहा है। शहर के अस्तित्व को खतरे में डाला जा रहा है। शनिवार को नगर निगम के मासिक हाउस में शहर के प्रतिष्ठित वास्तुक योजनाकारों ने नगर निगम प्रशासन, पार्षदों और पर्यटन विभाग के अधिकारियों को सुंदरीकरण के नाम पर हो रही खानापूर्ति से अवगत करवाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
वास्तुक योजनाकारों ने ब्यूटीफिकेशन ऑफ मालरोड प्रोजेक्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि मालरोड को लोअर बाजार से जोड़ने वाली सीढ़ियों में ग्रेनाइट तो बिछा दिया है लेकिन इन सीढ़ियों के नीचे बने खस्ताहाल नालों की मरम्मत करने की जहमत नहीं उठाई गई है।
विज्ञापन
ग्रेनाइट बिछाने से पहले इन नालों की मरम्मत आवश्यक थी। इन्हीं नालों में शहर का पूरा पानी बहता है। नालों से पानी का रिसाव होने की स्थिति में शहर की बुनियाद खोखली हो सकती है। इसके अतिरिक्त मालरोड के ड्रेनेज सिस्टम में किए बदलावों पर भी सवाल उठाए हैं।
अंग्रेजों के जमाने से लेकर मालरोड के कुछ भागों में खड़ोंचा पत्थर और कुछ में ग्लेज पाइप से ड्रेनेज सिस्टम तैयार किया गया था। पुरानी प्रणाली को नजरअंदाज कर अब नालियों में कोटा स्टोन लगा दिया गया है जिससे पुराना ड्रेनेज सिस्टम ध्वस्त हो गया है।
खड़ोंचा पत्थर की नालियों से अंडर ग्राउंड वाटर सिस्टम रिचार्ज होता था जबकि ग्लेज पाइप में पानी के बहाव के साथ कूड़ा कचरा बह जाता था। नए ड्रेनेज सिस्टम से कुछ ही सालों में शहर की बुनियाद प्रभावित हो सकती है।
वास्तुक योजनाकारों ने मालरोड के सुंदरीकरण प्रोजेक्ट में बरती जा रही लापरवाही को लेकर बेहद महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। नगर निगम इसे लेकर पर्यटन विभाग को अवगत करवाएगा। -टिकेंद्र पंवर, डिप्टी मेयर, नगर निगम