हिमाचल: कोरोना के बीच प्रदेश में फैलने लगा ब्लैक फंगस, तीन और मामले
हिमाचल सरकार ने केंद्र के निर्देश पर ब्लैक फंगस को महामारी घोषित कर दिया है। प्रदेश में इसके तीन और मामले आने से चिंता बढ़ गई है।
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हिमाचल प्रदेश में कोरोना महामारी के बीच अब ब्लैक फंगस भी फैलने लगा है। शुक्रवार को जहां ब्लैक फंगस से पीड़ित एक महिला मरीज आईजीएमसी शिमला में दाखिल हुई, वहीं शनिवार को प्रदेश में तीन और मामले सामने आए हैं। आईजीएसमी में ब्लैक फंगस से पीड़ित एक और महिला मरीज भर्ती हुई है, जबकि दो मरीज टांडा मेडिकल कॉलेज में भर्ती हुए हैं। प्रदेश सरकार ने केंद्र के निर्देश पर ब्लैक फंगस को महामारी घोषित कर दिया है।
आईजीएमसी में उपचाराधीन सोलन के अर्की की 41 वर्षीय महिला राजधानी शिमला में ही रहती है। कोरोना से उपचार के बाद महिला स्वस्थ हो गई थी, लेकिन आंखों की रोशनी जाने की शिकायत लेकर बीते दिन आईजीएमसी में भर्ती हुई। महिला में ब्लैक फंगस की पुष्टि हो चुकी है, लेकिन अंतिम जांच के लिए कल्चर और बायोप्सी के नमूने भेजे गए हैं। आईजीएमसी में पीड़ित दूसरी महिला के भी नाक में ही ब्लैक फंगस पाया गया है।
ईएनटी विभाग के विशेषज्ञों ने शनिवार को महिला के नाक में गल-सड़ चुकी चमड़ी को सर्जिकल ट्रीटमेंट कर निकाला। महिला की आरटीपीसीआर रिपोर्ट निगेटिव आई है। उसकी आंखों की रोशनी जाने के पीछे भी कारण ब्लैक फंगस माना जा रहा है। इससे पहले पॉजिटिव आने पर महिला ने डीडीयू शिमला में उपचार करवाया था। उधर, आईजीएमसी के एमएस डॉ. जनक राज ने बताया कि अर्की से एक पोस्ट कोविड ब्लैक फंगस का संभावित केस आया है। प्रारंभिक रिपोर्ट पॉजिटिव है। 100 फीसदी पुष्टि के लिए सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। मरीज की हालत अभी स्थिर है।
उधर, टांडा मेडिकल कॉलेज कांगड़ा में उपचाराधीन एक 40 वर्षीय व्यक्ति और 45 वर्षीय महिला में भी ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है। कांगड़ा जिले के रहने वाले दोनों लोग टांडा में कोविड वार्ड में उपचाराधीन हैं। शनिवार को दोनों के कोरोना सैंपल लिए गए थे, जिसमें दोनों की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई थी। वहीं दोनों का उपचार कोविड वार्ड में चल रहा है। दोनों में ब्लैक फंगस के लक्षण पाए जाने के बाद उनके सैंपल लिए गए, जिसमें उन दोनों में ब्लैक फंगस पाया गया है।
जिला कांगड़ा में ब्लैक फंगस के पहले दो मामले सामने आए हैं। कोरोना पॉजिटिव होने के चलते दोनों का उपचार टांडा मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड में उपचार चल रहा है। ब्लैक फंगस से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास पर्याप्त दवाइयां हैं। - डॉ. गुरदर्शन गुप्ता, सीएमओ, कांगड़ा
हमीरपुर की महिला का ऑपरेशन बीपी बढ़ने के चलते नहीं हो पाया
शुक्रवार को आईजीएमसी में भर्ती हमीरपुर की महिला (52) में भी ब्लैक फंगस पाया गया था। शनिवार को उनका ऑपरेशन होना था, लेकिन उच्च रक्तचाप के चलते ऑपरेशन नहीं हो पाया।
क्या हैं ब्लैक फंगस के लक्षण
नेत्र विशेषज्ञ डॉ. गौरव चौधरी ने बताया कि ब्लैक फंगस कोरोना के नए वेरिएंट के तौर पर सामने आया है। जो मुख्यतया स्नायु तंत्र पर प्रभाव डालते हुए आंख से लेकर दिमाग और फेफड़ों तक को संक्रमित कर देता है। इसके लक्षण कोरोना होने के 30 से 45 दिन के बाद भी देखे जा रहे है। यह फंगस वातावरण में आम पाया जाता है।
मिट्टी ,नमी वाली जगह सूखे पेड़ों के क्षरण आदि में पाया जाता है। कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली, अनियंत्रित मधुमेह, लंबे समय से स्टेरॉयड का यूज करने वाले लोगों पर इनका खतरा ज्यादा है। इनके लक्षणों में चेहरे में एक तरफ सुन्नपन, सिर के एक तरफ दर्द, सिर दर्द, आंखों के आसपास सूजन, डबल विजन, पलकें न खुलना, धुंधला नजर आना, भूरा/काला नाक बहना, नाक बंद होना, नाक के पास काले धब्बे आदि हैं।