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Shimla News: कथेड़ सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में लगेंगी एमआरआई और आधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीनें
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21 जून को अमर उजाला में प्रकाशित बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं की खबर। इंपैक्ट
मरीजों को उपचार के लिए दूसरे अस्पतालों में नहीं करना पड़ेगा रेफर,स्वास्थ्य सेवाओं में आएगा बड़ा सुधार
सरकार से 1.68 करोड़ रुपये के बजट की भी मांग, अस्पताल का तेजी से काम पूरा करने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में आने वाले मरीजों को आगामी समय में न तो चिकित्सकों की कमी सताएगी और न ही आधुनिक मशीनरी से जांच करवाने बाहर जाना पड़ेगा। कथेड़ में बन रहे नए सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में एमआरआई, एक्सरे समेत आधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीन लगाने की तैयारी चल रही है। इन मशीनों के लगने के बाद मरीजों को उपचार के लिए दूसरे अस्पतालों में रेफर नहीं करना पड़ेगा। वहीं मरीजों की परेशानी भी कम होगी। जिले में मरीजों को अभी के समय पर उपकरणों की कमी के कारण दूसरे अस्पतालों के लिए रेफर करना पड़ रहा है। इससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अमर उजाला ने मरीजों की परेशानी को 21 जून को प्राथमिकता के साथ उठाया। इसके बाद अब प्रशासन की ओर से भी कथेड़ में बन रहे अस्पताल का काम जल्द पूरा करने के लिए जोर दिया जा रहा है, ताकि वहां जल्द से जल्द मशीनों को लगाया जा सके। इसी के तहत प्रशासन ने सरकार से लगभग 1.68 करोड़ रुपये के बजट की भी मांग की जा रही है, ताकि काम को जल्द पूरा किया जा सके। अभी के समय में जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में एमआरआई की सुविधा नहीं है, लेकिन सुपर स्पेशलिटी अस्पताल कथेड़ पहला ऐसा सरकारी अस्पताल होगा, जहां मरीजों को एमआरआई मशीन की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा यहां एक्सरे मशीन का आधुनिक व्यवस्था लगाया जाएगा। इससे मरीजों की एक्सरे करवाने के बाद रिपोर्ट के लिए इधर-उधर भागना नहीं पड़ेगा। मरीजों की एक्सरे जांच होने के बाद रिपोर्ट सीधे डॉक्टरों के पास पहुंचेगी। अभी के समय में क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में 10 से 12 साल पुरानी अल्ट्रासाउंड मशीन से मरीजों की जांच हो रही है।
80 से 90 मरीजों को लिखा जा रहा अल्ट्रासाउंड के लिए
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में एक दिन में लगभग 80 से 90 मरीजों को अल्ट्रासाउंड लिखा जाता है। वहीं पुरानी मशीन होने के कारण उससे एक दिन में केवल 25 से 30 मरीजों के ही जांच हो पा रहे हैं। वहीं नई मशीन के बाद अधिक मरीजों के जांच हो पाएंगे। मरीजों की परेशानी मशीनों तक ही सीमित नहीं है। डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को एक ही ओपीडी के बाहर घंटों तक इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में कथेड़ अस्पताल में 60 डॉक्टरों को तैनात किया जाएगा। इससे सोलन अस्पताल में मरीजों के कारण लगने वाली लंबी कतारों से भी राहत मिलेगी।
कोट
अस्पताल प्रशासन की ओर से मरीजों को सुविधा देने के लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से पहले भी आधुनिक मशीनों की मांग की थी, लेकिन अभी तक मशीन नहीं लग पाई। अब कथेड़ अस्पताल में नई आधुनिक मशीनें लगाई जाएगी। एमआरआई मशीन लगाने के लिए कमरा तैयार किया जा रहा है। वहीं अन्य मशीनों के लिए भी तैयारियां की जा रही है। अस्पताल प्रशासन की ओर से जल्द काम पूरा करने के लिए 1.68 करोड़ रुपये की मांग की है।
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डॉ. राकेश पंवार,चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल,सोलन
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सरकार से 1.68 करोड़ रुपये के बजट की भी मांग, अस्पताल का तेजी से काम पूरा करने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में आने वाले मरीजों को आगामी समय में न तो चिकित्सकों की कमी सताएगी और न ही आधुनिक मशीनरी से जांच करवाने बाहर जाना पड़ेगा। कथेड़ में बन रहे नए सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में एमआरआई, एक्सरे समेत आधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीन लगाने की तैयारी चल रही है। इन मशीनों के लगने के बाद मरीजों को उपचार के लिए दूसरे अस्पतालों में रेफर नहीं करना पड़ेगा। वहीं मरीजों की परेशानी भी कम होगी। जिले में मरीजों को अभी के समय पर उपकरणों की कमी के कारण दूसरे अस्पतालों के लिए रेफर करना पड़ रहा है। इससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अमर उजाला ने मरीजों की परेशानी को 21 जून को प्राथमिकता के साथ उठाया। इसके बाद अब प्रशासन की ओर से भी कथेड़ में बन रहे अस्पताल का काम जल्द पूरा करने के लिए जोर दिया जा रहा है, ताकि वहां जल्द से जल्द मशीनों को लगाया जा सके। इसी के तहत प्रशासन ने सरकार से लगभग 1.68 करोड़ रुपये के बजट की भी मांग की जा रही है, ताकि काम को जल्द पूरा किया जा सके। अभी के समय में जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में एमआरआई की सुविधा नहीं है, लेकिन सुपर स्पेशलिटी अस्पताल कथेड़ पहला ऐसा सरकारी अस्पताल होगा, जहां मरीजों को एमआरआई मशीन की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा यहां एक्सरे मशीन का आधुनिक व्यवस्था लगाया जाएगा। इससे मरीजों की एक्सरे करवाने के बाद रिपोर्ट के लिए इधर-उधर भागना नहीं पड़ेगा। मरीजों की एक्सरे जांच होने के बाद रिपोर्ट सीधे डॉक्टरों के पास पहुंचेगी। अभी के समय में क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में 10 से 12 साल पुरानी अल्ट्रासाउंड मशीन से मरीजों की जांच हो रही है।
80 से 90 मरीजों को लिखा जा रहा अल्ट्रासाउंड के लिए
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में एक दिन में लगभग 80 से 90 मरीजों को अल्ट्रासाउंड लिखा जाता है। वहीं पुरानी मशीन होने के कारण उससे एक दिन में केवल 25 से 30 मरीजों के ही जांच हो पा रहे हैं। वहीं नई मशीन के बाद अधिक मरीजों के जांच हो पाएंगे। मरीजों की परेशानी मशीनों तक ही सीमित नहीं है। डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को एक ही ओपीडी के बाहर घंटों तक इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में कथेड़ अस्पताल में 60 डॉक्टरों को तैनात किया जाएगा। इससे सोलन अस्पताल में मरीजों के कारण लगने वाली लंबी कतारों से भी राहत मिलेगी।
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कोट
अस्पताल प्रशासन की ओर से मरीजों को सुविधा देने के लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से पहले भी आधुनिक मशीनों की मांग की थी, लेकिन अभी तक मशीन नहीं लग पाई। अब कथेड़ अस्पताल में नई आधुनिक मशीनें लगाई जाएगी। एमआरआई मशीन लगाने के लिए कमरा तैयार किया जा रहा है। वहीं अन्य मशीनों के लिए भी तैयारियां की जा रही है। अस्पताल प्रशासन की ओर से जल्द काम पूरा करने के लिए 1.68 करोड़ रुपये की मांग की है।
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डॉ. राकेश पंवार,चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल,सोलन