मनमोहन का नहीं राष्ट्रीय चरित्र, इटेलियन लेडी से डरते हैं: सुब्रमण्यन
राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यन स्वामी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री डाॅ. मनमोहन सिंह का कोई राष्ट्रीय चरित्र नहीं है, वह इटालियन लेडी से डरते हैं। जीएसटी पागलपन है, सरकार को इसे खत्म कर देना चाहिए।
आर्थिक मंदी का समाधान सुझाते हुए कहा कि हमारी सरकार को सेठों का आयकर कम करने के बजाय सबका कम कर देना चाहिए। उन्होंने अपनी पुस्तक सरकार के ध्यान में लाई है, जिसमें तमाम सुझाव हैं।
स्वामी ने कहा कि वह महात्मा गांधी की हत्या के मामले और गोडसे पर शोध कर रहे हैं। इस हत्या के सबसे बड़े लाभार्थी पंडित जवाहरलाल नेहरू की भूमिका इस मामले में संदिग्ध रही है। इस पर तथ्य सामने लाए जाएंगे।
सुब्रमण्यन स्वामी शिमला में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में राष्ट्रवाद पर महर्षि पाणिनि विचार मंच की ओर से आयोजित संगोष्ठी में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे। उन्होंने पीटरहॉफ शिमला में पत्रकार वार्ता भी की।
गांधी परिवार में कोई 12 पास नहीं: स्वामी
एचपीयू में राष्ट्रवाद विषय पर सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि गांधी परिवार में किसी ने भी बारहवीं पास नहीं की। पंडित जवाहर लाल नेहरू भी इंग्लैंड की कैंब्रिज यूनिवर्सिटी गए, वहां से फेल होकर भारत लौटे। उसके बाद सोनिया गांधी ने भी अपने शपथ पत्र में कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से डिग्री पास की, लेकिन जब इससे संबंधित जानकारी मांगी तो, तो सूचना प्राप्त हुई कि वे वहां पढ़ी ही नहीं हैं।
स्पष्टीकरण मांगने पर इसे टाइपिंग में हुई गलती बता दिया। राहुल गांधी ने भी अपनी डिग्री पर जनता को गुमराह किया। स्वामी ने कहा कि हमने आधा कश्मीर ले लिया है, अब जो बाकी बचा है, इसे भी ले लेंगे। 1971 में हमने पाकिस्तान के दो टुकड़े किए, लेकिन उससे भी काम नहीं बना, तो अब चार टुकड़े कर विभाजित करना पड़ेगा, जो शरणार्थी दिल्ली में बैठे हैं, वे भी यही चाहते हैं। भारत एकमात्र ऐसी ताकत है, जो न आज तक विभाजित हुई है और न आगे होगी।
फरवरी में पाकिस्तान आतंकवाद के लिए फंडिंग पर ब्लैक लिस्ट हो जाएगा। सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि काशी विश्वनाथ और मथुरा की कृष्ण जन्मभूमि पर भी मंदिर बनाने के उन्होंने सरकार को प्रस्ताव दिए हैं। अगर ये मंदिर नहीं बने तो वह आंदोलन की हद तक जाएंगे। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर हर हाल में बनेगा। सर्वोच्च न्यायालय में उन्हीं ने इस बारे में याचिका की है। फैसला फेवर में नहीं आया तो वह फिर याचिका दायर करेंगे।
ओवैसी देशभक्त हैं, मगर राष्ट्रभक्त नहीं
स्वामी ने कहा कि राष्ट्रवाद को समझने के लिए और अपनाने के लिए सबसे पुरानी वेदों की भाषा संस्कृत को ऊपर उठाना जरूरी है। नासा वाले भी मान रहे हैं कि संस्कृत कंप्यूटर के लिए उपयुक्त भाषा है। इसलिए सरकार संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए प्राथमिक स्तर से ही पाठ्यक्रम में शामिल करने जा रही है।
सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि जातिवाद और तरह के वाद से ऊपर उठना जरूरी है। डा. भीमराव आंबेडकर अनुसूचित जाति के थे, मगर उन्होंने भारत का संविधान लिखा और देश को एक दिशा देने का काम किया। छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए स्वामी ने कहा कि काम को आधार बनाया जाना चाहिए, उसी से पहचान होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि ओवैसी देशभक्त हैं, मगर राष्ट्रभक्त नहीं, तो अस्मिता यह है कि वह ये मानने को तैयार नहीं कि इनके पूर्वज हिंदू हैं। मुझे कैसे पता कि उनके पूर्वज हिंदू है या कियाजी है। उसका डीएनए और मेरा डीएनए एक है। जेनेटिक्स में कई जगह यह छपा है। स्वामी ने कहा कि मैंने सांसद ओवैसी को चैलेंज किया था कि मेरा और अपना डीएनए टेस्ट एक प्रतिष्ठित हैदराबाद की लैब से करवाते हैं, जिसे उन्होंने स्वीकार नहीं किया। कश्मीर से कन्या कुमारी तक और जामनगर तक डीएनए एक है।