...तो अब रवि के लिए शांता खेमे ने ये बनाई रणनीति
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दो दिन पहले वरिष्ठ नेता शांता कुमार पर विस चुनाव की हार का ठीकरा फोड़ने वाले पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के करीबी देहरा के विधायक रविंद्र रवि के खिलाफ रणनीति बनाने को शांता खेमे के डेढ़ दर्जन से ज्यादा नेता धर्मशाला में जुटे। ऊना शिविर से ठीक एक दिन पहले धर्मशाला में गुप्त रूप से आयोजित बैठक की अगुवाई पूर्व मंत्री किशन कपूर ने की। शांता खेमे के नेताओं ने रविंद्र रवि के खिलाफ आगामी रणनीति बनाई। रविंद्र रवि की ओर से दो दिन पहले धर्मशाला में प्रेस वार्ता कर शांता के खिलाफ की गई बयानबाजी की निंदा की गई।
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार नेताओं ने निर्णय लिया कि रविंद्र रवि की ओर से की गई अनुशासनहीनता के मुद्दे को हाईकमान तक ले जाया जाएगा। नेताओं ने कहा कि रविंद्र रवि खुद को संगठन से ऊपर समझ रहे हैं। रवि पर आरोप लगाया कि उन्होंने समानांतर संगठन खड़े कर विस चुनाव में पार्टी को नुकसान पहुंचाया था।
कांगड़ा जिले के अधिकतर हारे हुए प्रत्याशी बैठक में हुए शामिल
न्होंने विस चुनाव 2012 में अपनी ही पार्टी के प्रत्याशियों के समानांतर उम्मीदवार खड़े कर उन्हें फाइनेंस किया। अब फिर पार्टी में दरार डालने लगे हैं। बैठक में धर्मशाला के पूर्व विधायक किशन कपूर, सुलह के पूर्व विधायक विपिन परमार, पालमपुर के पूर्व विधायक प्रवीण शर्मा, ज्वालाजी से हारे प्रत्याशी रमेश धवाला, जवाली से हारे प्रत्याशी अर्जुन सिंह, नगरोटा बगवां से हारे प्रत्याशी मंगल सिंह, जयसिंहपुर से हारे प्रत्याशी आत्माराम सहित जिला कांगड़ा अध्यक्ष हिंदवीर कोहली आदि दर्जन भर से ज्यादा नेता शामिल रहे।
ऊना में एक अगस्त से भाजपा का दो दिवसीय शिविर होगा। इसमें हिमाचल भाजपा प्रभारी श्रीकांत शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती, वरिष्ठ नेता शांता कुमार, पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा सहित कई नेता पार्टी की आगामी रणनीति पर चर्चा करेंगे। ऊना शिविर से पहले शांता खेमे ने धर्मशाला में गुप्त बैठक कर सियासी हवाओं को गर्म कर दिया है। ऐसे में ऊना के दो दिवसीय शिविर में खेमेबाजी पर जमकर हंगामा होने के आसार हैं। धर्मशाला बैठक से शांता खेमे ने संकेत दिया है कि अब वह रक्षात्मक नहीं, बल्कि आक्रामक रुख अपनाएगा। हालांकि, सियासी ऊंट किस करवट बैठता है यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।