Sirmour: चूड़धार के रास्ते में फैलाई जा रही गंदगी से पर्वतारोही बलजीत आहत, टीम के साथ चलाया सफाई अभियान
माउंट एवरेस्ट को फतह करने वाली पर्वतारोही व हिमाचल की बेटी बलजीत कौर ने धार्मिक स्थल चूड़धार और इसके रास्तों में फैलाई जा रही गंदगी पर चिंता जताई है।
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विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह करने वाली पर्वतारोही व हिमाचल की बेटी बलजीत कौर ने धार्मिक स्थल चूड़धार और इसके रास्तों में फैलाई जा रही गंदगी पर चिंता जताई है। इससे आहत बलजीत कौर ने इस धार्मिक स्थल की स्वच्छता का बीड़ा उठा लिया है। अपनी टीम के साथ वह रविवार को चूड़धार की यात्रा पर गईं और उन्होंने शिरगुल देवता के दर्शनों के साथ चूड़धार के जंगल में फेंके कचरे की सफाई की। उन्होंने चूड़धार में सभी दुकानदारों, ढाबा संचालकों व श्रद्धालुओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। इस दौरान बलजीत की टीम ने यहां से करीब 35 किलोग्राम कचरा एकत्र किया, जिसे उन्होंने सोमवार को नौहराधार पहुंचाया।
इस बीच रास्ते में उन्हें जो भी श्रद्धालु मिले, उनसे रास्तों में गंदगी न फैलाने की अपील की। बलजीत ने श्रद्धालुओं को समझाया कि आप अपने साथ पॉलीथिन के लिफाफों व प्लास्टिक की बोतलों में जो खाने-पीने का सामान ले जाते हैं, उन्हें जंगल में न फेंकें। उन्हें अपने साथ घर लाएं। पर्वतारोही ने कहा कि चूड़धार के जंगलों में अभी भी कूड़े कचरे के ढेर हैं। वह जल्द ही अपनी एक बड़ी टीम के साथ फिर से चूड़धार के जंगलों में सफाई का एक बड़ा अभियान चलाएंगी।
संदेश : शराब पीकर धार्मिक यात्रा पर न जाएं
नौहराधार पहुंचने पर बलजीत कौर ने बताया कि रास्ते में कई स्थानों पर उन्हें कचरे के साथ-साथ बियर व शराब की खाली बोतलें भी मिलीं। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान मस्ती कीजिये, गाने गाइये, भजन कीर्तन करिये पर शरीब पीकर धार्मिक यात्रा पर न जाएं। इससे लोगों की आस्था की आस्था को गहरी ठेस पहुंचती है। रास्ते में प्लास्टिक की बोतलें, रेनकोट, नमकीन, बिस्कुट के रैपर, डिस्पोजल गिलास प्लेट इधर-उधर फेंक रहे हैं, जो पर्यावरण के लिए अच्छा संकेत नहीं है।