अरुणाचल प्रदेश के कमांग सेक्टर में हिमस्खलन की चपेट में आने से शहीद हुए 26 वर्षीय राकेश सिंह की पार्थिव देह शनिवार देर शाम करीब पांच बजे उनके पैतृक गांव लोअर महेश गढ़ में पहुंच गई। गांव में सेना अधिकारियों की ओर से फूलों से सुसज्जित गाड़ी में रखी पार्थिव देह के आने के बाद पूरा माहौल गमगीन हो गया और सैकड़ों आंखें नम हो गईं। तिरंगे में लिपटी शहीद राकेश सिंह की पार्थिव देह को उनके 63 वर्षीय भूतपूर्व सैनिक पिता जिगरी राम और माता संध्या देवी ने जब देखा तो उनके सब्र का बांध टूट गया।
कांगड़ा: शहीद राकेश की पार्थिव देह पैतृक गांव पहुंचते ही हर आंख हुई नम, परिजनों को 20 लाख देगी सरकार
संवाद न्यूज एजेंसी, बैजनाथ (कांगड़ा)
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 12 Feb 2022 09:53 PM IST
सार
गांव में सेना अधिकारियों की ओर से फूलों से सुसज्जित गाड़ी में रखी पार्थिव देह के आने के बाद पूरा माहौल गमगीन हो गया और सैकड़ों आंखें नम हो गईं। तिरंगे में लिपटी शहीद राकेश सिंह की पार्थिव देह को उनके 63 वर्षीय भूतपूर्व सैनिक पिता जिगरी राम और माता संध्या देवी ने जब देखा तो उनके सब्र का बांध टूट गया।
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