फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कांगड़ा: शहीद राकेश की पार्थिव देह पैतृक गांव पहुंचते ही हर आंख हुई नम, परिजनों को 20 लाख देगी सरकार

Sat, 12 Feb 2022 09:53 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, बैजनाथ (कांगड़ा)
संवाद न्यूज एजेंसी, बैजनाथ (कांगड़ा) Published by: Krishan Singh Updated Sat, 12 Feb 2022 09:53 PM IST
सार

गांव में सेना अधिकारियों की ओर से फूलों से सुसज्जित गाड़ी में रखी पार्थिव देह के आने के बाद पूरा माहौल गमगीन हो गया और सैकड़ों आंखें नम हो गईं। तिरंगे में लिपटी शहीद राकेश सिंह की पार्थिव देह को उनके 63 वर्षीय भूतपूर्व सैनिक पिता जिगरी राम और माता संध्या देवी ने जब देखा तो उनके सब्र का बांध टूट गया।

विज्ञापन
mortal remains of the martyr Rakesh wrapped in the tricolour reached in ancestral village, every eye became moist
शहीद राकेश सिंह की पार्थिव देह के पास पत्नी। - फोटो : संवाद

 अरुणाचल प्रदेश के कमांग सेक्टर में हिमस्खलन की चपेट में आने से शहीद हुए 26 वर्षीय राकेश सिंह की पार्थिव देह शनिवार देर शाम करीब पांच बजे उनके पैतृक गांव लोअर महेश गढ़ में पहुंच गई। गांव में सेना अधिकारियों की ओर से फूलों से सुसज्जित गाड़ी में रखी पार्थिव देह के आने के बाद पूरा माहौल गमगीन हो गया और सैकड़ों आंखें नम हो गईं। तिरंगे में लिपटी शहीद राकेश सिंह की पार्थिव देह को उनके 63 वर्षीय भूतपूर्व सैनिक पिता जिगरी राम और माता संध्या देवी ने जब देखा तो उनके सब्र का बांध टूट गया।



दोनों की आंखें नम हो गईं। शहीद की पत्नी 22 वर्षीय अंजली देवी अपने छह माह के बेटे के साथ अपने शहीद पति के चेहरे को देखकर सहम गईं और नम आंखों से एकटक निहारती रहीं। अंजली देवी ने अपने समुदाय की पोशाक के साथ पति के अंतिम दर्शन किए। अंजली देवी पांच दिनों से बेटे के साथ कमरे में बंद थीं और शनिवार को ही बाहर निकलीं।
 

mortal remains of the martyr Rakesh wrapped in the tricolour reached in ancestral village, every eye became moist
शही को श्रद्घांजलि देते मंत्री व अन्य। - फोटो : संवाद

घर के आंगन में पार्थिव देह को रखते ही पूरा गांव राकेश सिंह अमर रहे, भारत माता की जय, जब तक सूरज चांद रहेगा राकेश तेरा नाम रहेगा... के नारों से गूंज उठा और हाथों में तिरंगा लिए युवक जोर से नारे लगाते रहे।




 
mortal remains of the martyr Rakesh wrapped in the tricolour reached in ancestral village, every eye became moist
शहीद को श्रद्घांजलि देते मंत्री व अन्य। - फोटो : संवाद
प्रदेश सरकार की तरफ से वन, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री राकेश पठानिया और विधायक मुल्क राज प्रेमी ने शहीद राकेश सिंह को श्रद्धांजलि दी और उनके परिजनों से भेंट की।

 
विज्ञापन
विज्ञापन
mortal remains of the martyr Rakesh wrapped in the tricolour reached in ancestral village, every eye became moist
शहीद को दी श्रद्धांजलि - फोटो : संवाद

वन मंत्री राकेश पठानिया ने सरकार की तरफ से शहीद राकेश सिंह के परिवार को 20 लाख रुपये देने की घोषणा की।

विज्ञापन
mortal remains of the martyr Rakesh wrapped in the tricolour reached in ancestral village, every eye became moist
गांव में शहीद राकेश की पार्थिव देह। - फोटो : संवाद

विधायक मुल्क राज प्रेमी ने बताया कि गांव को जाने वाले रास्ते का नाम शहीद के नाम पर रखने के लिए मुख्यमंत्री से आग्रह किया जाएगा और जल्द ही इस मार्ग को विधायक प्राथमिकता के तहत पक्का किया जाएगा। प्रशासन की तरफ से एसडीएम सलीम आजम, थाना प्रभारी ओम प्रकाश ठाकुर आदि उपस्थित रहे।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed