भारत-चीन सीमा के नजदीक शिपकिला से लगते नमज्ञा के डोगरी नाले में हिमखंड के नीचे दबने से शहीद हुए 7 जैक राइफल के जवान राजेश ऋषि का रविवार को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
सोलन जिले के नालागढ़ उपमंडल के जगतपुर के जवान राजेश का पार्थिव शरीर सुबह 10 बजे पैतृक गांव पहुंचाया गया। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए घर में भीड़ उमड़ी हुई थी। बेटे की शहादत की जानकारी लगने पर माता-पिता बेसुध हो गए।
दो माह पहले परिणय सूत्र में बंधी पत्नी को भी पति की शहादत की जानकारी बाद में दी गई। हर किसी की आंखें नम थीं। शहीद की अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग उमड़ थे।
बड़े भाई ने शहीद की चिता को मुखाग्नि दी। शहीद जवान राजेश ऋषि अपने पीछे माता माया देवी, पिता रणजीत सिंह, पत्नी पिंकी, भाई-भाभी और दो भतीजों को छोड़ गए हैं।
राजेश की शादी दो माह पहले 12 दिसंबर को हुई थी और विवाह के उपरांत वह 28 जनवरी को ड्यूटी पर लौटे थे। 20 फरवरी को नमज्ञा डोगरी नाले में हिमखंड के नीचे दब गए और 11 दिन बाद शनिवार को उनका शव निकाला जा सका।