तीसरी बार बंदर वर्मिन घोषित, मारा एक भी नहीं
शिमला शहर में तीसरी बार बंदरों को वर्मिन घोषित किया गया है। इससे पहले दो बार भी ऐसा हो चुका है, लेकिन अभी तक एक भी बंदर नहीं मारा गया है। शिमला समेत प्रदेश भर में हर साल हजारों की संख्या में बंदरों के लोगों को काटने की शिकायतें आती हैं। बंदरों को वर्मिन घोषित करने की मांग भी की गई ताकि लोग खुद बंदरों को मार सके, लेकिन वर्मिन घोषित होने पर अब तक एक भी बंदर नहीं मारा गया है।
प्रदेश सरकार ने दो साल पहले शिमला नगर निगम क्षेत्र में बंदरों को वर्मिन घोषित कराया था। एक साल में एक भी बंदर नहीं मारा गया। हालांकि, अगले साल शिमला नगर निगम और 38 तहसीलों में बंदरों को केंद्र सरकार से पीड़क जंतु घोषित करवा दिया ताकि लोग अपनी सुरक्षा के लिए बंदरों को मार सके।
इस दौरान भी एक भी मामला रिकॉर्ड में नहीं आया। फिर भी सरकार ने प्रयास किया और इस साल 22 फरवरी को प्रदेश की कुल 169 तहसीलों उपतहसीलों में से 91 में पीड़क जंतु (वर्मिन) घोषित कर दिया। खास बात यह है कि इस पूरी मियाद के दौरान अब तक सिर्फ पांच ही बंदर मारे जाने की आधिकारिक सूचना विभाग को मिली है।
वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि विभाग बंदरों को नहीं मार सकता। इसलिए लोगों को अपने जानमाल की सुरक्षा के लिए बंदरों को मारने की छूट दिलाने के लिए ही वर्मिन घोषित कराया गया है। बंदर मारने के बाद मारने वाले को स्थानीय वन अधिकारी को सूचना देनी होगी। इसके बाद शव को अपने कब्जे में लेकर तय मानक के अनुसार उसका अंतिम संस्कार करेगा और विभाग 500 रुपये भी देगा।
प्रदेश में इन क्षेत्रों में वर्मिन घोषित हैं बंदर
केंद्र की अधिसूचना के अनुसार चंबा के चुराह, भरमौर, डलहौजी, भटियात, सिहुंता और चंबा तहसील उप तहसील में बंदर वर्मिन घोषित किए गए हैं। कांगड़ा के कस्बा कोटला, जस्वां, देहरा गोपीपुर, खुंडियां, जयसिंहपुर, बैजनाथ, धर्मशाला, शाहपुर, नूरपुर, इंदौरा, फतेहपुर, जवाली, कांगड़ा, पालमपुर और बड़ोह, बिलासपुर के झंडूता, भराड़ी, घुमारवीं, नयना देवी, बिलासपुर सदर और नम्होल, ऊना के भरवाईं, अंब, ऊना, हरोली और बंगाणा, शिमला के सुन्नी, ठियोग, कोटखाई, कुमारसैन, चौपाल, रोहडू, जुब्बल, चिरगांव, कुपवी, ननखड़ी, टिक्कर, जुन्ग्रा, शिमला ग्रामीण, रामपुर और नेरवा शामिल हैं।
इसके अलावा पांवटा साहिब, ददाहू, पझौता, नौहरा, पच्छाद, राजगढ़, रेणुका, शिलाई, कमरऊ, अर्की, कंडाघाट, रामशहर, कृष्णगढ़, नालागढ़, कसौली, सोलन और दाड़लाघाट, मंडी, थुनाग, करसोग, जोगिंद्रनगर, पधर, लडभड़ोल, सरकाघाट, धर्मपुर, सुंदरनगर, निरमंड, बंजार, आनी, मनाली, कुल्लू और सैंज, हमीरपुर, भोरंज, नादौन, सुजानपुर, बड़सर, बिजड़ी, किन्नौर जिले की निचार, पूह, कल्पा, सांगला और मोरंग तहसीलें उप तहसीलें शामिल हैं।