केंद्र सरकार ने हटाया प्रतिबंध, तिब्बत के दूसरे बड़े धर्मगुरु को दी ये मंजूरी
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भारत सरकार ने तिब्बत के दूसरे बड़े धर्मगुरु 17वें करमापा उग्येन त्रिनले दोरजे पर सिक्किम जाने के लिए लगा प्रतिबंध हटा दिया है। हालांकि, उनकी आधिकारिक गद्दी सिक्किम के रुमटेक मठ में है, जहां केंद्र सरकार ने उन्हें वहां जाने की अनुुमति नहीं दी है।
चीन के दबाव के बाद करमापा पर यह प्रतिबंध लगाया गया था। अब प्रतिबंध हटने के बाद तिब्बती समुदाय में खुशी की लहर है। करमापा मठ के प्रवक्ता करमा चुंगयालपा ने बताया कि उन्हें ऑनलाइन मीडिया रिपोर्ट से इसकी जानकारी मिली है। वह आधिकारिक पुष्टि का इंतजार कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने भी की थी प्रतिबंध हटाने की मांग
उन्होंने कहा कि अगर करमापा को सिक्किम दौरे की अनुमति मिली है तो इसका लाभ उत्तर पूर्वी राज्यों के असंख्य अनुयायियों को होगा। करमापा धर्मशाला के पास सिद्धबाड़ी स्थित ग्यूतो तांत्रिक मठ में रहते हैं। इन दिनों करमापा हिमाचल से बाहर हैं। बताया जा रहा है कि सिक्किम के मुख्यमंत्री ने भी विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को पत्र लिखकर प्रतिबंध हटाने की मांग की थी।
वर्ष 1985 में जन्मे आध्यात्मिक गुरु करमापा वर्ष 2000 में तिब्बत से भारत आए थे। चीन सरकार के कथित दबाव के चलते भारत सरकार ने करमापा को तुरंत कड़ी निगरानी में रखकर उनकी यात्रा को लेकर कई प्रतिबंध लगा दिए थे। वर्ष 1981 में 16वें करमापा रैंगजुंग रिग्पे दोरजे की मृत्यु के बाद उन्हें 17वां करमापा चुना गया था, जो विवादों में रहा।