मोदी सरकार नाराज, चीन सीमा पर पिछड़ रहा भारत
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चीन सीमा से सटे इलाकों में नई सड़कें बनाए जाने में लेटलतीफी पर केंद्र सरकार ने सख्ती दिखाते हुए हिमाचल, उत्तराखंड और सिक्किम की सरकारों को पत्र भेजा है।
इन दर्रों पर ज्यादा लेटलतीफी
हिमाचल में शिपकिला दर्रा, उत्तराखंड में माना पास, नीति पास, लीपुलेख पास और सिक्किम का नाथूला पास। केंद्र के पत्र में इंपावर कमेटी बनाने के निर्देश हुए हैं। इससे सड़कों के निर्माण में गति आएगी।
सामरिक महत्व की 73 सड़कें चिह्नित
भारत-चीन सीमा पर सामरिक महत्व की 73 सड़कें चिह्नित की गई हैं। इनमें से 61 सड़कें सीमा सड़क संगठन को बनाने के लिए दी गई हैं।
इनकी लंबाई 3410 किलोमीटर है। 61 सड़कों में से 625 किलोमीटर लंबी 19 सड़कें तैयार कर दी गई हैं। 24 सड़कों की कनेक्टिविटी हो चुकी है। बाकी सड़कों को पूरा किया जाना है।
गृह सचिव हिमाचल सरकार मनीष गर्ग हिमाचल में करीब डेढ़ दर्जन छोटी-बड़ी सड़कें निर्माणाधीन हैं। ये सड़कें तीन हिस्सों मनाली-सरचू, भारत-तिब्बत और समदो-काजा-ग्रांफू रोड सेक्टर्स में बांटी गई हैं।