हिमाचल में लाखों मनरेगा मजदूर बिना कर्फ्यू पास कर सकेंगे काम, निर्देशों का पालन जरूरी
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हिमाचल में मनरेगा मजदूरों के लिए राहत भरी खबर है। कर्फ्यू और लॉकडाउन के दौरान इन्हें काम करने के लिए कर्फ्यू पास बनाने की जरूरत नहीं होगी। कार्य के दौरान इन्हें सरकारी के दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। इस फैसले से लाखों मजदूरों को पास बनाने की झंझट से छुटकारा मिल जाएगा। प्रदेश भर में सरकार ने कर्फ्यू लागू कर रखा है और सरकार ने मनरेगा के कामों को आरंभ कर दिया है। प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में मनरेगा के काम कराने के लिए मनरेगा के कामगारों को कर्फ्यू पास नहीं बनाने होंगे।
केंद्र सरकार ने मनरेगा के कामगारों के कर्फ्यू पास नहीं बनाने की छूट दे रखी है। यानी मनरेगा कामगारों को काम में जाने के लिए पहले जिला प्रशासन से पास बनाने अनिवार्य नहीं है। राज्य के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के सचिव डॉ. आरएन बत्ता ने पुष्टि करते हुए बताया कि मनरेगा मजदूरों को अपनी पंचायतों के क्षेत्र में काम करने के लिए कर्फ्यू पास नहीं बनाने होंगे। इतना जरूर है कि मनरेगा के कामों को करते समय केंद्र सरकार और स्वास्थ्य विभाग के दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा। पंचायत प्रधानों को इन दिशा निर्देशों को पालन कराने का दायित्व सौंपा गया है।
लघु और मझोले किसानों ने छोटे थ्रेशर में मांगा उपदान
गेहूं की फसल पककर तैयार होने वाली है। इसके चलते मंडी जिले के लघु और मझोले किसानों ने सरकार से थ्रेशर उपदान पर उपलब्ध करवाने की गुहार लगाई है। किसान यूनियन का कहना है कि सरकार ने पिछले वर्ष से किसानों को उपदान पर थ्रेशर उपलब्ध करवाना बंद कर दिया है, जिससे किसानों को अब अपनी फसल की थ्रेशिंग करना मुश्किल होगी।
हिमाचल किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष सुंकाराम ठाकुर, प्रदेश महासचिव सीता राम वर्मा, कंगड़ा के प्रधान प्रीतम भारती, बिलासुपर सोहन सिंह पटियाल, शिमला के दुर्गादास, सिरमौर से धर्म दास कश्यप, मंडी से भूप सिंह, चौंतड़ा से किशोरी लाल, चंबा से नीना ठाकुर, लाहौल स्पिति से गुरदास तथा कुल्लू से कमलेश शर्मा राज्य उपप्रधान बीडी लखनपाल ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मांग की है कि प्रदेश के लघु और मझोले किसानों के लिए छोटे थ्रैशर उपदान पर उपलब्ध करवाये जाये। प्रदेश महासचिव ने कहा कि सरकार ने थ्रैशर पर पिछली व वर्ष से उपदान बंद कर दिया है, जिससे कृषकों में भारी रोष है। किसानों ने मांग की है कि थ्रेशरों की खरीद पर उपदान देने का प्रावधान किया जाए।
कोरोना से निपटने को प्रशिक्षित होंगे एनसीसी और एनएसएस विद्यार्थी
कोरोना वायरस से बचाव के लिए चलाए जा रहे सरकारी अभियान के तहत नियुक्त एनसीसी कैडेट, एनएसएस स्वयंसेवी और भारत एवं स्काउट गाइड के युवाओं को प्रशिक्षित भी किया जाएगा। बुधवार को स्वास्थ्य निदेशालय के प्रशिक्षण संस्थान परिमहल शिमला में दोपहर 12 बजे इन सभी वालंटियर को एक घंटे के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने सभी स्वयंसेवियों को इस ऑनलाइन प्रशिक्षण में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन के माध्यम से कोरोना वायरस से निपटने के लिए शुरू हुए अभियान में सेवाएं देने वाले स्वयं सेवियों के लिए प्रशिक्षण लेना जरूरी है। प्रशिक्षण के दौरान सेवाएं देने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के तहत बताया जाएगा किस तरह से सभी सुरक्षित उपाय करते हुए सेवाएं दी जानी है। उन्होंने सभी स्वयंसेवियों से घर बैठे इस ऑनलाइन प्रशिक्षण का लाभ उठाने की अपील की है।