हिमाचल में विधायकों ने मांगी थी झंडी, अब चला रहे स्टीकरों से काम
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गाड़ियों से लालबत्ती उतरने के बाद विधायकों ने मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव, उपायुक्त या एसपी की तरह झंडी मांगी थी। सरकार ने विधायकों की इस फरमाइश को सिरे से खारिज कर दिया गया है।
अब विधानसभा सचिवालय की ओर से विधायकों को गाड़ियों में लगाने के लिए स्टीकर थमा दिए हैं। अधिकांश विधायकों स्टीकर विधानसभा सत्र के दौरान बांटे गए जबकि कइयों को अब यह दिए जा रहे हैं।
कई विधायक इन स्टीकरों को लगाने से गुरेज भी कर रहे हैं जबकि कइयों ने नीले रंग के इन स्टीकरों को अपनी गाड़ी के फ्रंट में लगा दिया है। लालबत्ती हटने के बाद अपनी पहचान बनाने के लिए हिमाचल के अधिकांश विधायकों ने अपनी गाड़ी पर बड़े-बड़े अक्षरों में एमएलए लिखा है।
कई विधायकों ने गाड़ियों के पीछे वाले शीशे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जयराम ठाकुर के फोटो भी लगा दिए हैं जबकि, फ्रंट में पार्टी का चुनाव निशान लगा दिया।
विधानसभा सचिवालय से भी उठाया था मामला
कई इलाकों के विधायकों ने तो अपनी गाड़ी पर वे किस विधानसभा क्षेत्र के एमएलए हैं, ये तक लिख दिया है। विधायक एसोसिएशन के अध्यक्ष व बीजेपी विधायक दल के सचिव राकेश जम्वाल ने बताया कि विधायक की गाड़ियों की अलग से पहचान होनी चाहिए।
ताकि, एमएलए की मूवमेंट का पता लगाया जा सके। विधायकों ने झंडी नहीं मांगी, पहचान के लिए कुछ न कुछ व्यवस्था करने को कहा गया था। अब विधायकों को विधानसभा की ओर से स्टिकर जारी किए गए हैं।
विधायकों ने झंडी के लिए विधानसभा सचिवालय में भी यह मामला उठाया था। विधानसभा प्रशासन की ओर से प्रस्ताव सचिवालय सामान्य प्रशासन को आया था, लेकिन सरकार ने नियमों का हवाला देते हुए इसे लंबित रखा।
एक्स एमएलए भी लिखा है गाड़ियों में
पुराने कई विधायकों ने अपनी गाड़ियों में एक्स एमएलए तक लिखा है। यह इसलिए लिखा है, ताकि पुलिस इन गाड़ियों को न रोक सके। भीड़भाड़ में ये गाड़ियां आसानी से आगे बढ़ सके। इन गाड़ियों में भले ही एक्स एमएलए नहीं बैठा हो लेकिन ये गाड़ियां शहर में खूब दौड़ती हैं।