फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   MLA Priority Scheme In Himachal no suggestion from some ministers

जनता को नाराज नहीं करना चाहते कुछ मंत्री-विधायक, नहीं डाली प्राथमिकताएं

Mon, 09 Mar 2020 12:19 PM IST
अरविन्द ठाकुर सुरेश शांडिल्य, अमर उजाला, शिमला
सुरेश शांडिल्य, अमर उजाला, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 09 Mar 2020 12:19 PM IST
विज्ञापन
MLA Priority Scheme In Himachal no suggestion from some ministers
- फोटो : अमर उजाला

हिमाचल के कुछ मंत्री और विधायक अपने हलके की जनता को नाराज नहीं करना चाहते हैं। सड़क-पुलों, पेयजल और सिंचाई जल की योजनाओं के लिए लोगों में एक अनार सौ बीमार की स्थिति होने पर उन्होंने इस बार बजट बुक मे इनके कॉलम खाली रखवाए हैं, क्योंकि इससे थोड़े से लोग खुश और ज्यादा नाराज हो जाते हैं। किसी ने योजनाएं दी ही नहीं तो किसी से देरी से मिलीं हैं। इससे यह छप नहीं पाईं। इन स्कीमों का वित्तपोषण नाबार्ड करता है। सीएम जयराम ठाकुर ने छह मार्च को बजट पेश कर नाबार्ड को भेजी जाने वाली इन योजनाओं की सीमा भी 105 से बढ़ाकर 120 करोड़ रुपये कर दी है। 

विज्ञापन


बेशक इन मंत्री-विधायकों की प्राथमिकताएं बजट बुक में नहीं छपी, पर इन्होंने इनके लिए 25-25 हजार रुपये डाला है। सीएम ने बजट पेश किया तो इस दौरान हिमाचल सरकार के वित्त विभाग के नव व्यय अनुसूची के परिशिष्ट के तहत विधायकों की निर्दिष्ट प्राथमिकताओं की प्रकाशित पुस्तक भी सामने आई। 47 पृष्ठों की इस किताब में विधायकों के नाम के आगे के दो-दो कॉलम खाली छोड़े गए हैं।
विज्ञापन


इनमें नोट लिखा है कि ‘माननीय विधायक से स्कीम प्राप्त होने पर शामिल की जाएगी’। वास्तविक नई लघु सिंचाई योजनाओं में जसवां परागपुर के विधायक एवं मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर, नूरपुर के भाजपा विधायक राकेश पठानिया, फतेहपुर के विधायक सुजान सिंह पठानिया, नाहन के विधायक राजीव बिंदल, जयसिंहपुर के विधायक रविंद्र धीमान और जुब्बल-कोटखाई के विधायक नरेंद्र बरागटा की प्राथमिकताएं दर्ज नहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


सड़कों और पुलों की भी मंत्री बिक्रम सिंह, विधायक राजीव बिंदल, राकेश पठानिया, सुजान सिंह पठानिया, रविंद्र धीमान और धर्मशाला के नवनियुक्त विधायक विशाल नैहरिया की प्राथमिकताएं शामिल नहीं हैं। पेयजल योजनाओें में भी राकेश पठानिया, विशाल नैहरिया, सुजान सिंह पठानिया, नरेंद्र बरागटा, डा. राजीव बिंदल, दून के विधायक परमजीत पम्मी और चिंतपूर्णी बलवीर सिंह की प्राथमिकताएं इसमें नहीं हैं। इसी तरह से ओनगोइंग योजनाओं के भी कई कॉलम कई विधायकों ने खाली छोड़कर अज्ञात योजनाओं के लिए ही 25-25 हजार रुपये का टोकन बजट डलवाया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed