MLA Priority Meeting: सीएम सुक्खू बोले- एक साल में सभी सरकारी गाड़ियां इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने का लक्ष्य
सुक्खू ने गुरुवार को कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन उपयोगकर्ताओं की सुविधा के लिए प्रदेश भर में चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इसके लिए अभी तक 110 स्थल चिह्नित किए गए हैं।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि एक साल में सभी सरकारी वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलने का लक्ष्य रखा गया है। केवल जरूरत के अनुसार ही डीजल चालित वाहनों की खरीद के लिए मुख्य सचिव स्तर पर सीमित अनुमति दी जाएगी। उन्होंने हिमाचल को हरित राज्य बनाने में सभी विधायकों से बहुमूल्य सुझाव एवं सक्रिय सहयोग का आग्रह किया है। विधायक प्राथमिकता बैठक के दूसरे दिन के प्रथम सत्र में कांगड़ा जिले के विधायकों के साथ चर्चा में सीएम ने यह बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने 2025 तक हिमाचल को हरित राज्य घोषित करने का लक्ष्य रखा है। राज्य में विद्युत चालित वाहनों के प्रयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। परिवहन विभाग में जल्द पूरी तरह से इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रयोग शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए वाहन खरीद कर विभाग को उपलब्ध करवा दिए गए हैं।
सुक्खू ने गुरुवार को कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन उपयोगकर्ताओं की सुविधा के लिए प्रदेश भर में चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इसके लिए अभी तक 110 स्थल चिह्नित किए गए हैं। लगभग 700 सरकारी भवनों में भी इन चार्जिंग स्टेशनों के लिए स्थल का चुनाव किया जा चुका है। कहा कि परिवहन निगम के बेड़े में भी चरणबद्ध ढंग से विद्युत चालित वाहनों को जोड़ा जाएगा। बैठक में प्रदेश में नए दृष्टिकोण के साथ पर्यटन विकास को बढ़ावा देने पर भी चर्चा की गई है। सुक्खू ने कहा कि सरकार कांगड़ा जिले को पर्यटन राजधानी के रूप में स्थापित करेगी। यहां पर्यटन सर्किट के लिए आधारभूत संरचना विकसित करने के दृष्टिगत पर्वतमाला व अन्य परियोजनाओं के माध्यम से प्राथमिकताएं देने का भी आग्रह किया। धर्मशाला, ज्वालामुखी, फतेहपुर तथा शाहपुर के विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में पर्यटन विकास के लिए अपनी प्रमुखताएं भी गिनाईं।
धर्मशाला में हिमानी चामुंडा रोपवे, नड्डी में पर्यटन विकास, पौंग डैम में पर्यटन गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को रोजगार से जोड़ने और एशियन विकास बैंक के माध्यम से ज्वालाजी मंदिर तथा नगर के सौंदर्यीकरण के लिए संबंधित विधायकों ने अपनी प्राथमिकताएं बताईं। नदियों एवं खड्डों में अवैध खनन पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को इसकी रोकथाम के लिए व्यापक कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। कहा कि सरकार पुलों एवं सिंचाई परियोजनाओं के निश्चित दायरे में खनन गतिविधियों पर रोक लगाने पर विचार कर रही है। जलशक्ति विभाग को खड्डों में बाढ़ प्रबंधन के दृष्टिगत उचित स्थानों पर चेक डैम निर्मित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार परियोजना कार्य पूर्ण करने की समय-सीमा निर्धारित करेगी और इसके लिए निविदा होते ही कार्य पूरा करने की तिथि भी निश्चित कर ली जाएगी। स्वास्थ्य एवं शिक्षा से जड़े मामलों पर मुख्यमंत्री ने इन विभागों के पुनर्गठन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि सरकार इसके लिए दीर्घकालिक सोच के साथ ठोस एवं सार्थक कदम उठा रही है।
पड़ोसी राज्यों से लगते क्षेत्रों में निगरानी तंत्र और मजबूत करेंगे : सुक्खू
- सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में नशे की रोकथाम एवं नशीले पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण रूप से रोक लगाने पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांगड़ा तथा अन्य जिलों के सीमावर्ती क्षेत्रों में कड़ी निगरानी के लिए पुलिस व संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए पड़ोसी राज्यों से लगते क्षेत्रों में निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जा रहा है।
इंदौरा में नशा और खनन माफिया पर शिकंजा कसे सरकार, नूरपुर में खुले मेडिकल कालेज
विधानसभा क्षेत्र नूरपुर के विधायक रणबीर सिंह निक्का ने पंजाब की सीमा से लगे क्षेत्र में युवाओं को नशे से बचाने के लिए दृढ़ प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने नूरपुर में मेडिकल कॉलेज खोलने का आग्रह करते हुए कहा कि इससे इंदौरा, फतेहपुर और जवाली क्षेत्र के लोग भी लाभान्वित होंगे। उन्होंने नूरपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए पेयजल की तीन योजनाओं के निर्माण का प्रस्ताव किया। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने वीरवार को शिमला में कांगड़ा जिला के विधायकों की प्राथमिकता बैठक ली। इंदौरा के विधायक मलेंद्र राजन ने अपने क्षेत्र में ड्रग्स और अवैध खनन माफिया पर शिकंजा कसने का आग्रह किया। उन्होंने अपने क्षेत्र में 10 नए ट्यूबवेल लगाने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। उन्होंने शाहनहर से छूटे क्षेत्र में किसानों को सिंचाई का पानी उपलब्ध करवाने के लिए वितरण प्रणाली का शेष कार्य शीघ्र पूरा करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर भी जोर दिया। जसवां-परागपुर के विधायक बिक्रम सिंह ने एफसीए और एफआरए स्वीकृतियों के मामलों में तेजी लाने का आग्रह किया।
फतेहपुर के विधायक भवानी सिह पठानिया ने ड्रग व खनन माफिया पर नियंत्रण के साथ-साथ स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और अधिक रोजगार सृजित करने तथा नशा निवारण के लिए आवश्यक कदम उठाने पर बल दिया। उन्होंने रैहन के पुलिस स्टेशन को स्तरोन्नत करने का आग्रह किया। विधानसभा क्षेत्र ज्वालाजी के विधायक संजय रतन ने निर्माणाधीन योजनाओं को पूरा करने के लिए धन का प्रावधान करने का आग्रह किया, जिससे इन योजनाओं का लाभ आम लोगों को मिल सके। उन्होंने जल शक्ति विभाग और लोक निर्माण विभाग के मंडल खोलने का प्रस्ताव किया। उन्होंने 51 पंचायतों के लिए सुराली में खंड विकास अधिकारी कार्यालय खोलने का प्रस्ताव किया। विधायक ने मझीण, लगडु और खुंडिया में बस स्टैंड और टिहरी में बहुतकनीकी महाविद्यालय की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने एडीबी की सहायता से ज्वालाजी मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाने के लिए कार्य योजना बनाने का आग्रह किया। जयसिंहपुर के विधायक यादवेंद्र गोमा ने अपने क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पंचरूखी को स्तरोन्नत कर सीएचसी बनाया जाए।
उन्होंने क्षेत्र में बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध करवाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जयसिंहपुर में एचआरटीसी डिपो की आवश्यकता है और उसके लिए पर्याप्त आधारभूत ढांचा भी तैयार किया जाना चाहिए। विधानसभा क्षेत्र सुलह के विधायक विपिन सिंह परमार ने संसाधन बढ़ाने व शानन परियोजना के लिए रोडमैप तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने मिनी और माइक्रो हाइडल प्रोजेक्ट पर वाटर टैक्स के लिए नीति बनाने की बात कही। इस पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान सरकार इस दिशा में कार्य कर रही है। कांगड़ा के विधायक पवन काजल ने नगरोटा बगवां और कांगड़ा के बीच बन रहे रेलवे ओवर ब्रिज को शीघ्र शुरू करने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने विधानसभा क्षेत्रवार हाईटैक अस्पताल के निर्माण की बात कही। उन्होंने बेसहारा पशुओं को आश्रय प्रदान करने के लिए ठोस नीति बनाने, कूहलों और हैंडपंपों की मरम्मत करवाने का सुझाव दिया।
शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया ने कर्मचारी चयन आयोग के कार्य में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आयोग के कामकाज को निलंबित करने और पुरानी पेंशन को बहाल करने के प्रदेश सरकार के निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने शाहपुर आईटीआई में रोजगारोन्मुखी कोर्स शुरू करने और बीडीओ कार्यालय के लिए नया भवन बनाने का प्रस्ताव किया। उन्होंने शाहपुर में जल शक्ति विभाग की योजनाओं का निर्माण शुरू करने और चंबी मैदान को विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र में ईसीएचएस और सीएसडी कैंटीन खोलने के लिए भूमि हस्तांतरित करने का भी सुझाव दिया। धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा ने अमृत योजना के तहत धर्मशाला के कुछ वार्डों के लिए पानी की स्कीमें बनाने, मांझी और ट्यूलिप गार्डन से दो रोपवे निर्माण का प्रस्ताव किया। उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के सरकार के निर्णय का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 तक हिमाचल प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है।