नौतोड़ जमीन देने के लिए समयसीमा तय करें अफसर : वीरभद्र
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि हिमाचल के अधिकारी भूमिहीनों को दी जा रही नौतोड़ जमीन के आवंटन की समयावधि तय करेंगे। सीएम ने यह बात मंगलवार को विधायक प्राथमिकता बैठक में किन्नौर के कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी की ओर से मामला उठाने पर कही।
नेगी ने कहा था कि नौतोड़ के आवेदनों पर समय पर कार्रवाई नहीं हो रही है। मंगलवार को दूसरे दिन वर्ष 2017-18 के बजट के लिए विधायकों की प्राथमिकताओं को अंतिम रूप देने के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए विकास योजनाओं के सामाजिक ऑडिट करवाने पर बल दिया गया।
सीएम ने कहा कि इससे समय और लागत में आने वाली बढ़ोतरी को कम किया जा सकेगा। सीएम ने कांगड़ा, लाहौल स्पीति, किन्नौर, चंबा, ऊना और हमीरपुर के विधायकों की प्राथमिकताओं को सुनते हुए विकास कार्यों में तेजी लाने और जनजातीय क्षेत्रों में ‘नौतोड़’ के लंबित मामलों में तेजी लाने को कहा।
उन्होंने कहा कि इसका कारण यह है कि जनजातीय क्षेत्रों में विशेष समय अवधि के लिए वन स्वीकृति अधिनियम लागू नहीं है। मुख्य सचिव वीसी फारका ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। बजट 2017-18 के लिए दो दिन की अवधि के दौरान आयोजित विधायकों की प्राथमिकता बैठकों में 49 विधायकों ने हिस्सा लिया।
उन्होंने कहा कि इन बैठकों के दौरान मुख्यमंत्री की ओर से विकासात्मक कार्यों संबंधी निर्देशों पर तुरंत कार्रवाई होगी। वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी, राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष जीआर मुसाफिर, अतिरिक्त मुख्य सचिव योजना डॉ. श्रीकांत बाल्दी और राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे।
बैठक में नहीं आए धूमल, आशा कुमारी भी नहीं पहुंचीं
राज्य सचिवालय में हुई हमीरपुर जिले की इस बैठक में नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल नहीं पहुंचे। सूत्रों ने बताया कि उनकी ओर से लिखित में ही अपनी प्राथमिकताएं भेज दी गई थीं। इसी तरह से कांगड़ा जिले के तीनों भाजपा विधायक भी इस बैठक में शामिल नहीं हुए।
पंजाब की प्रभारी होने के कारण वहां व्यस्त होने की वजह से डलहौजी की विधायक आशा कुमारी भी नहीं पहुंच पाईं। कई अन्य क्षेत्रों से भी विधायक इस बैठक में नहीं पहुंच पाए। भोरंज सीट के खाली होने पर यहां की प्राथमिकताएं नहीं रखी जा सकीं।