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Shimla News: केएनएच में नहीं बनेगा एमएलए हॉस्टल, सिर्फ ओपीडी होगी शिफ्ट
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बालूगंज में सर्विलांस यूनिट के शुभारंभ के बाद सीएम सुक्खू का एलान, बोले-अस्पताल नहीं होगा बंद
गायनी से जुड़ी बीमारियों का होगा बेहतर उपचार
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के कमला नेहरू अस्पताल (केएनएच) से गायनी ओपीडी शिफ्ट करने को लेकर मचे घमासान पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने साफ किया कि केएनएच से सिर्फ गायनी ओपीडी शिफ्ट होगी। मातृ एवं शिशु अस्पताल केएनएच में ही रहेगा। विपक्ष इस पर राजनीतिक रोटियां सेंकना बंद करें।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केएनएच में एमएलए हॉस्टल नहीं बन रहे हैं। ऐसा कोई फैसला नहीं हुआ है। शहर के बालूगंज में मंगलवार को प्रदेश के पहले मेट्रोपाॅलिटन सर्विलांस यूनिट के शुभारंभ के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि गायनी की बीमारियों से जूझ रहीं महिलाओं को बेहतर उपचार मिले, इसके लिए केएनएच से गायनी ओपीडी को आईजीएमसी शिफ्ट किया जा रहा है। आईजीएमसी में गायनी ओपीडी के साथ इसके वार्ड भी बनाए गए हैं। आईजीएमसी में अब रोबोटिक सर्जरी की भी सुविधा है जिससे 99 फीसदी तक सटीक ऑपरेशन हो रहे हैं। गायनी से जुड़ी बीमारियों का अत्याधुनिक तकनीक से उपचार हो, इसलिए केएनएच से इसकी ओपीडी शिफ्ट की गई है। कमला नेहरू अस्पताल में यह सुविधा नहीं है। यहां तो अल्ट्रासाउंड की मशीन ही 15 साल पुरानी है। सीएम ने कहा कि अब तक जो महिलाएं गायनी से जुड़ी बीमारियों के उपचार के लिए कमला नेहरू अस्पताल आती थीं वह आईजीएमसी आएंगी, इसमें हर्ज ही क्या है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केएनएच से गायनी ओपीडी शिफ्ट होगी। गर्भवती महिला एवं शिशु अस्पताल यहीं रहेगा। इसकी क्षमता 270 बिस्तरों तक की है, इसे और बढ़ाया जा रहा है। केएनएच में जांच की तकनीक भी बेहतर की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गायनी ओपीडी शिफ्ट करने पर विरोध क्यों हो रहा है, यह समझ से परे है। महिलाओं को बेहतर उपचार मिले, इसके लिए यह फैसला लिया गया है।
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गायनी से जुड़ी बीमारियों का होगा बेहतर उपचार
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के कमला नेहरू अस्पताल (केएनएच) से गायनी ओपीडी शिफ्ट करने को लेकर मचे घमासान पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने साफ किया कि केएनएच से सिर्फ गायनी ओपीडी शिफ्ट होगी। मातृ एवं शिशु अस्पताल केएनएच में ही रहेगा। विपक्ष इस पर राजनीतिक रोटियां सेंकना बंद करें।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केएनएच में एमएलए हॉस्टल नहीं बन रहे हैं। ऐसा कोई फैसला नहीं हुआ है। शहर के बालूगंज में मंगलवार को प्रदेश के पहले मेट्रोपाॅलिटन सर्विलांस यूनिट के शुभारंभ के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि गायनी की बीमारियों से जूझ रहीं महिलाओं को बेहतर उपचार मिले, इसके लिए केएनएच से गायनी ओपीडी को आईजीएमसी शिफ्ट किया जा रहा है। आईजीएमसी में गायनी ओपीडी के साथ इसके वार्ड भी बनाए गए हैं। आईजीएमसी में अब रोबोटिक सर्जरी की भी सुविधा है जिससे 99 फीसदी तक सटीक ऑपरेशन हो रहे हैं। गायनी से जुड़ी बीमारियों का अत्याधुनिक तकनीक से उपचार हो, इसलिए केएनएच से इसकी ओपीडी शिफ्ट की गई है। कमला नेहरू अस्पताल में यह सुविधा नहीं है। यहां तो अल्ट्रासाउंड की मशीन ही 15 साल पुरानी है। सीएम ने कहा कि अब तक जो महिलाएं गायनी से जुड़ी बीमारियों के उपचार के लिए कमला नेहरू अस्पताल आती थीं वह आईजीएमसी आएंगी, इसमें हर्ज ही क्या है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि केएनएच से गायनी ओपीडी शिफ्ट होगी। गर्भवती महिला एवं शिशु अस्पताल यहीं रहेगा। इसकी क्षमता 270 बिस्तरों तक की है, इसे और बढ़ाया जा रहा है। केएनएच में जांच की तकनीक भी बेहतर की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गायनी ओपीडी शिफ्ट करने पर विरोध क्यों हो रहा है, यह समझ से परे है। महिलाओं को बेहतर उपचार मिले, इसके लिए यह फैसला लिया गया है।
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