लापता सोसायटी इंस्पेक्टर का शव स्वारघाट जंगल से बरामद
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शाहतलाई में तीन सप्ताह से लापता सोसायटी इंस्पेक्टर का शव पुलिस ने जंगल से बरामद किया है। शव सड़ी गली अवस्था में स्वारघाट के नजदीक काली माता के प्राचीन मंदिर तिउन के पास से बरामद हुआ है। शव के पास ही शराब की खाली बोतल और दो तरह का जहर भी मिला है।
मौके पर शिनाख्त को पहुंचे परिजनों से इसे अपहरण और हत्या का मामला बताया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए शिमला भेजा गया है।पुलिस थाना स्वारघाट को काली माता मंदिर तिउन के पुजारी रमेश ठाकुर ने शुक्रवार शाम को सूचना दी थी।
पुजारी ने किसी का शव पड़ा होने और दुर्गंध आने की सूचना दी। स्वारघाट थाना पुलिस ने फौरन मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस के अनुसार कुछ दिन पूर्व मृतक की लोकेशन भी स्वारघाट के आसपास ही मिली थी।
इसके बाद से पुलिस स्वारघाट वाले इलाके में उसकी तलाश कर रही थी। मृतक की पहचान धर्मपाल (40) वर्षीय, पुत्र स्वर्गीय बख्शी राम गांव सुह डाकघर जेजवीं तहसील झंडूता जिला बिलासपुर के रूप में हुई है।
शराब की खाली बोतल सहित दो तरह का जहर भी मिला
उसकी पहचान उसके परिजनों ने घटनास्थल पर आकर पुलिस की मौजूदगी में की है। पुलिस अधीक्षक बिलासपुर अशोक कुमार व घुमारवीं के डीएसपी राजेंद्र जस्वाल समेत पुलिस टीम और फोरेंसिक जांच कर्मियों ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं।
शव को बाद में आईजीएमसी शिमला भेज दिया गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि जहां पर इंस्पेक्टर का शव मिला है, वहां पर शराब की खाली बोतल सहित दो तरह का जहर भी मिला है। इसमें सल्फास की गोलियां व चूहे मारने वाला जहर पाया गया है।
मौत के कारणों का सुराग नहीं लग पाया है, लेकिन परिजनों ने इसे हत्या बताया है। मृतक के मामा कर्मचंद व अन्य परिजनों ने आरोप लगाया कि धर्मपाल को ड्यूटी के दौरान अगवा कर बाद में उसकी हत्या की गई है।
परिजनों ने जांच सही न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। एसपी बिलासपुर अशोक कुमार ने बताया कि लापता इंस्पेक्टर का शव बरामद कर लिया गया है। शव का पोस्टमार्टम शिमला में करवाया जाएगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।