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बर्बाद बह रहा है लाखों लीटर पानी, नई लाइन बिछेगी : मेयर
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निदेशक मंडल की बैठक में उठाएंगे मुद्दा
मेयर बोले पूरे शहर में बड़ी लाइन बिछना है जरूरी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। रोजाना 45 एमएलडी से ज्यादा पानी मिलने के बावजूद शिमला शहर में रोज पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही। पेयजल लाइनों में लीकेज के चलते लाखों लीटर पानी बर्बाद बह रहा है। नगर निगम महापौर सुरेंद्र चौहान शनिवार को निदेशक मंडल की बैठक में इस मुद्दे को उठाएंगे।
महापौर का कहना है कि 24 घंटे पेयजल योजना के तहत शहर में छोटी लाइनें तो बिछेंगी लेकिन बड़ी लाइनों में हो रही लीकेज को रोकने के लिए इसे भी बदलने का प्रस्ताव रखा जाएगा। शहर के रिज मैदान, मालरोड समेत कोर एरिया में ज्यादातर बड़ी लाइनें सौ साल पुरानी हैं। अंग्रेजों के जमाने में बिछी ये लाइनें जमीन से पांच से दस फीट तक गहरी हैं। इनमें हो रही लीकेज का अब पता तक नहीं चल रहा। इसलिए इन्हें बदलने का प्रस्ताव बैठक में रखा जा रहा है। बैठक में बावड़ियों के पानी के इस्तेमाल पर भी चर्चा होगी। महापौर के अनुसार शौचालयों के लिए इस पानी का इस्तेमाल हो सकता है। शहर में 20 से ज्यादा बावड़ियां हैं जिनका लाखों लीटर पानी नई लाइनें बिछाकर शौचालयों में इस्तेमाल हो सकता है। इस पर भी बैठक में चर्चा होगी।
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मेयर बोले पूरे शहर में बड़ी लाइन बिछना है जरूरी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। रोजाना 45 एमएलडी से ज्यादा पानी मिलने के बावजूद शिमला शहर में रोज पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही। पेयजल लाइनों में लीकेज के चलते लाखों लीटर पानी बर्बाद बह रहा है। नगर निगम महापौर सुरेंद्र चौहान शनिवार को निदेशक मंडल की बैठक में इस मुद्दे को उठाएंगे।
महापौर का कहना है कि 24 घंटे पेयजल योजना के तहत शहर में छोटी लाइनें तो बिछेंगी लेकिन बड़ी लाइनों में हो रही लीकेज को रोकने के लिए इसे भी बदलने का प्रस्ताव रखा जाएगा। शहर के रिज मैदान, मालरोड समेत कोर एरिया में ज्यादातर बड़ी लाइनें सौ साल पुरानी हैं। अंग्रेजों के जमाने में बिछी ये लाइनें जमीन से पांच से दस फीट तक गहरी हैं। इनमें हो रही लीकेज का अब पता तक नहीं चल रहा। इसलिए इन्हें बदलने का प्रस्ताव बैठक में रखा जा रहा है। बैठक में बावड़ियों के पानी के इस्तेमाल पर भी चर्चा होगी। महापौर के अनुसार शौचालयों के लिए इस पानी का इस्तेमाल हो सकता है। शहर में 20 से ज्यादा बावड़ियां हैं जिनका लाखों लीटर पानी नई लाइनें बिछाकर शौचालयों में इस्तेमाल हो सकता है। इस पर भी बैठक में चर्चा होगी।
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