{"_id":"5858b3474f1c1b2064e399ea","slug":"mid-day-meal-workers-protest-at-shimla-on-wednesday","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार के खिलाफ कल सड़कों पर उतरेंगे मिड डे मील वर्कर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकार के खिलाफ कल सड़कों पर उतरेंगे मिड डे मील वर्कर
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 20 Dec 2016 09:57 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन (संबंधित सीटू) 21 दिसंबर को सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेगी। वेतन बढ़ोतरी नहीं होने के विरोध में सभी जिला मुख्यालयों में वर्कर्स प्रदर्शन करेंगे। प्रदेश के सभी सांसदों को मांगपत्र भी सौंपा जाएगा। यूनियन की राज्य अध्यक्ष कांता महंत ने बताया कि संसद के बजट सत्र में इन मांगों को प्रधानमंत्री के समक्ष उठाने की मांग सांसदों से की जाएगी।
विज्ञापन
यूनियन के मुताबिक देश भर में 25 लाख से अधिक मिड-डे मील वर्कर्स 12 करोड़ से अधिक बच्चों को दोपहर का खाना बनाने का कार्य कर रहे हैं। केंद्र सरकार द्वारा एमडीएम वर्कर्स को मात्र एक हजार रुपये मासिक वेतन दिया जा रहा है। यूनियन की राज्य अध्यक्ष ने बताया कि बीते सात साल में केंद्र सरकार ने मिड डे मील वर्कर्स के वेतन में एक रुपये की भी बढ़ोतरी नहीं की है।
विज्ञापन
बार-बार वेतन बढ़ोतरी के सिर्फ आश्वासन मिल रहे हैं लेकिन वेतन में बढ़ोतरी नहीं हो रही। उन्होंने बताया कि 45वें श्रम सम्मेलन में सरकार ने कहा था कि साल 2012-13 में 500 रुपये की वृद्धि, साल 2013-14 में 1000 रुपये और साल 2015-16 में 1000 रुपये की वृद्धि की गई। अगर इसे लागू किया होता तो एमडीएम वर्कर्स को 3500 रुपये प्रतिमाह मिलते। लेकिन सरकार ने इसे लागू नहीं किया। यूनियन ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की तरह हिमाचल सरकार भी मिड डे मील वर्कर्स का शोषण कर रही है।
विज्ञापन
राज्य सरकार ने बीते 12 साल में वेतन बढ़ोतरी नहीं की है। जबकि देश के कई राज्यों ने वेतन बढ़ाए हैं। यूनियन ने मांग करते हुए कहा कि मिड डे मील वर्कर्स को सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम वेतन छह हजार रुपये दिया जाए। वर्कर्स को चौथे दर्जे का सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए। भाजपा सरकार पूर्व की केंद्र सरकार द्वारा की गई वेतन बढ़ोतरी को तुरंत लागू करे। 45वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को लागू किया जाए। वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाए। नियुक्ति पत्र और पहचानपत्र जारी किए जाएं। महिला मिड डे मील वर्कर्स को छह माह का प्रसूति अवकाश दिया जाए। वर्कर्स के लिए अकस्मात अवकाश, अर्जित अवकाश और मेडिकल अवकाश वेतन सहित दिए जाएं।