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Shimla News: भगवान श्रीराम के आदर्श अपनाने का दिया संदेश
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राधा कृष्ण मंदिर में श्रीराम कथा को लगा विराम
शिमला। सनातन धर्म सभा की ओर से गंज बाजार स्थित राधा कृष्ण मंदिर में आयोजित राम कथा का रविवार को समापन हुआ। अंतिम दिन कथावाचक ने श्रीराम के जीवन के आदर्शों और उनके वर्तमान जीवन में महत्व पर प्रकाश डाला।
कथावाचक सुरेश मिश्रा ने कहा कि श्रीराम का जीवन प्रत्येक व्यक्ति के लिए दर्पण के समान है। यदि कोई भी व्यक्ति उनके बताए मार्ग पर चलता है, तो उसे जीवन में कष्टों का सामना नहीं करना पड़ता। सभी को भगवान श्रीराम के आदर्श अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुखी परिवार का आधार केवल छोटा परिवार नहीं, बल्कि संस्कारों से युक्त परिवार होता है।
उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि आजकल अभिभावक बच्चों की शिक्षा पर तो विशेष ध्यान देते हैं और उन्हें अच्छे विद्यालयों में पढ़ाते हैं, लेकिन संस्कारों पर उतना ध्यान नहीं दिया जा रहा। इसके कारण नई पीढ़ी पाश्चात्य संस्कृति की ओर आकर्षित हो रही है और भारतीय संस्कृति व नैतिक मूल्यों से दूर होती जा रही है।
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सभा के प्रचार मंत्री सुमन पाल दत्ता ने बताया कि यह राम कथा 13 अप्रैल से शुरू हुई थी, जिसका रविवार को विधिवत समापन हुआ। संवाद
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शिमला। सनातन धर्म सभा की ओर से गंज बाजार स्थित राधा कृष्ण मंदिर में आयोजित राम कथा का रविवार को समापन हुआ। अंतिम दिन कथावाचक ने श्रीराम के जीवन के आदर्शों और उनके वर्तमान जीवन में महत्व पर प्रकाश डाला।
कथावाचक सुरेश मिश्रा ने कहा कि श्रीराम का जीवन प्रत्येक व्यक्ति के लिए दर्पण के समान है। यदि कोई भी व्यक्ति उनके बताए मार्ग पर चलता है, तो उसे जीवन में कष्टों का सामना नहीं करना पड़ता। सभी को भगवान श्रीराम के आदर्श अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुखी परिवार का आधार केवल छोटा परिवार नहीं, बल्कि संस्कारों से युक्त परिवार होता है।
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उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि आजकल अभिभावक बच्चों की शिक्षा पर तो विशेष ध्यान देते हैं और उन्हें अच्छे विद्यालयों में पढ़ाते हैं, लेकिन संस्कारों पर उतना ध्यान नहीं दिया जा रहा। इसके कारण नई पीढ़ी पाश्चात्य संस्कृति की ओर आकर्षित हो रही है और भारतीय संस्कृति व नैतिक मूल्यों से दूर होती जा रही है।
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सभा के प्रचार मंत्री सुमन पाल दत्ता ने बताया कि यह राम कथा 13 अप्रैल से शुरू हुई थी, जिसका रविवार को विधिवत समापन हुआ। संवाद