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सुजानपुर के छात्र की याचिका पर रुकी 10वीं कक्षा के परिणाम की मेरिट सूची
Tue, 06 Jul 2021 10:35 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, हमीरपुर
अमर उजाला नेटवर्क, हमीरपुर
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 06 Jul 2021 10:35 AM IST
सार
ओजिस्वन महाजन ने कहा कि वह पीपीई किट पहनकर कोविड-19 प्रोटोकाल के तहत परीक्षा देने के लिए तैयार था। परीक्षा केंद्र संचालक ने अन्य विद्यार्थियों की सेहत का हवाला दिया। इससे वह परीक्षा नहीं दे पाया।
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प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल हाईकोर्ट ने हमीरपुर जिले के एक छात्र की ओर से दायर याचिका पर प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड को 10वीं की मेरिट सूची जारी करने से रोका है। उपमंडल सुजानपुर का ओजिस्वन महाजन 10वीं कक्षा का विद्यार्थी है। वह अप्रैल में कोरोना संक्रमित हुआ था। 13 अप्रैल को हिंदी विषय की परीक्षा थी। ओजिस्वन परीक्षा केंद्र में पहुंचा तो केंद्र अधीक्षक ने सेंटर में प्रवेश नहीं करने दिया। अमर उजाला से विशेष बातचीत में ओजिस्वन महाजन ने कहा कि वह पीपीई किट पहनकर कोविड-19 प्रोटोकाल के तहत परीक्षा देने के लिए तैयार था।
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परीक्षा केंद्र संचालक ने अन्य विद्यार्थियों की सेहत का हवाला दिया। इससे वह परीक्षा नहीं दे पाया। वह बोर्ड के 10वीं के परीक्षा परिणाम घोषित करने के फार्मूले से संतुष्ट नहीं है। बोर्ड ने दसवीं की हिंदी विषय की परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर अन्य सात विषयों को पांच से गुना कर जिस आधार पर मेरिट सूची तैयार करने का फार्मूला तैयार किया है। वह कोरोना संक्रमित होने के कारण परीक्षा से वंचित रहे विद्यार्थियों के हित में नहीं।
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इस फार्मूले के कारण परीक्षा के लिए कड़ी मेहनत करने वाले विद्यार्थियों को सीधे 21 अंकों का नुकसान हो रहा है। हालांकि, बताया जा रहा है कि बोर्ड ने हिंदी विषय की परीक्षा में प्राप्त अंकों के अलावा नौवीं की परीक्षा, प्री-बोर्ड, प्रैक्टिकल, फर्स्ट एंड सेकेंड टर्म एग्जाम में प्राप्त अंकों को भी मेरिट का आधार माना है। उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ता श्रवण डोगरा और अधिवक्ता संजीव सूरी के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। सोमवार को इस पर आपात सुनवाई हुई। न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए बोर्ड ने मेरिट सूची जारी करने पर रोक लगाई।
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ओजिस्वन ने कहा कि वह परीक्षा देने के लि तैयार है। परीक्षा के बाद ही मेरिट सूची जारी होनी चाहिए। बोर्ड ने अब 12 जुलाई को हिंदी परीक्षा की तारीख तय की है। ओजिस्वन ने छात्र हित में सोमवार को आए इस निर्णय के लिए हाईकोर्ट, अधिवक्ताओं श्रवण डोगरा, संजीव सूरी, स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन प्रो. सुरेश सोनी और सचिव अक्षय सूद का आभार जताया है।