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ऐन मौके पर अस्पताल से रेफर महिला की गेट पर ही डिलीवरी

Mon, 21 Dec 2015 11:26 AM IST
Updated Mon, 21 Dec 2015 11:26 AM IST
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Medical negligence forces woman to deliver baby in hospital premises

अस्पताल में जननी सुरक्षा योजना मजाक बन गई। लापरवाही की हद तो देखिए प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला को अस्पताल में भर्ती करने की बजाय आननफानन में पीजीआई रेफर कर दिया। मामला हिमाचल के सोलन जिले के नालागढ़ का है। महिला का पति अभी एंबुलेंस की तलाश ही कर रहा था कि महिला ने अस्पताल परिसर में ही बच्ची को जन्म दे दिया। महिला दर्द से कराहती रही, लेकिन अस्पताल स्टाफ ने उसकी मदद तक नहीं की।

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जच्चा और बच्चा दोनों की हालत स्थिर बताई जा रही है। सवाल यह है कि जब महिला की हालत इतनी गंभीर थी और मामला इतना क्रिटिकल नहीं था तो उसे रेफर करने की क्या जरूरत थी। महिला के पति ने डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। साथ ही मामले की जांच करने की भी मांग की है। इस घटना के बाद नालागढ़ अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठ रहे हैं।
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डॉक्टर ने चेक किया और तुरंत पीजीआई रेफर कर दिया

Medical negligence forces woman to deliver baby in hospital premises

औद्योगिक क्षेत्र थाना गांव में एक ईंट भट्ठे पर काम करने वाली महिला सुमन को प्रसव पीड़ा हुई। सुमन को दूसरा बच्चा होना था। महिला के पति दिनेश ने 108 एंबुलेंस को फोन किया। सूचना मिलते ही एंबुलेंस शनिवार शाम को करीब आठ बजे थाना गांव पहुंची।

वहां से महिला को नालागढ़ चिकित्सालय पहुंचाया गया। आरोप है कि अस्पताल में तैनात चिकित्सक ने महिला को देखा तथा उसे तुरंत पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। अभी महिला के परिजन एंबुलेंस ही ढूंढ रहे थे कि सुमन ने अस्पताल परिसर में ही बच्ची को जन्म दे दिया।

डिलीवरी के बाद दोबारा कर दी रेफर

Medical negligence forces woman to deliver baby in hospital premises

अस्पताल परिसर में ही डिलीवरी के बाद बच्ची और उसकी मां को महिलाएं प्रसव वार्ड में लाईं। यहां कुछ समय रखने के बाद ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने महिला को दोबारा पीजीआई के लिए रेफर कर दिया। उनका कहना था कि महिला में खून की कमी है। बताया जा रहा है कि इसके बाद परिजन महिला और बच्ची को घर ले गए हैं।

मामले की होगी जांच-
रविवार को चिकित्सालय में तैनात चिकित्सक डा. राघव ने बताया कि उन्हें इस बारे में कोई सूचना नहीं है। रात को जिस चिकित्सक की ड्यूटी थी, उसने पूरा दिन फोन स्विच ऑफ रखा था। वहीं, सीएमओ डा. आरके धरोच ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी। अगर महिला के साथ गलत हुआ है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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