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आईजीएमसी में खोली जाएगी एमडीआर लैब
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Sun, 15 Mar 2015 07:11 PM IST
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि तपेदिक रोगियों के उपचार के लिए डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा में अत्याधुनिक कल्चर प्रयोगशाला स्थापित की गई है। टांडा में 45 करोड़ रुपये से सुपर स्पेशिलिटी केंद्र स्थापित किया जा रहा है। सोलन के टीबी सेनिटोरियम, धर्मपुर और आईजीएमसी शिमला में इंटरमिडिएट रेफरेंस लैबोरेटरी स्थापित की गई है।
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एमडीआर (मल्टी ड्रग रेजिस्टेंस) लैब सेनिटोरियम धर्मपुर और टांडा मेडिकल कॉलेज में स्थापित किए गए हैं। उन्होंने आईजीएमसी शिमला में ऐसा ही एक अन्य केंद्र शीघ्र आरंभ करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री शनिवार को संशोधित राष्ट्रीय तपेदिक नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) पर आयोजित राष्ट्रीय टास्क पर कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
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कार्यशाला में स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि स्वास्थ्य मानकों में हिमाचल देशभर में अग्रणी है। हर खंड में ऐसे डॉट्स केंद्रों को आरंभ करने के लिए कृतसंकल्प हैं। इस मौके पर अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्वास्थ्य पीसी धीमान, आरएनटीसीपी के उप महानिदेशक डॉ. एसडी खपरड़े, डॉ. प्रहलाद कुमार, डॉ. श्रीकांत त्रिपाठी, स्वास्थ्य निदेशक डॉ. आरके शर्मा आदि मौजूद रहे।
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