शिमला के लोगों के लिए बड़ी खबर, पढ़ें जरूर
यूनिट एरिया मेथड के तहत राजधानी के करीब पांच हजार अवैध मकानों पर भी टैक्स लगेगा। टैक्स देने के बाद भी इन लोगों के मकानों को नियमित नहीं माना जाएगा। नई टैक्स पद्धति के एक्ट में इसका उल्लेख है।
भवन नियमित न होने के चलते इन्हें पानी और बिजली के कनेक्शन भी व्यावसायिक दिए गए हैं। आधा दर्जन मर्ज एरिया वार्डों में ज्यादा अवैध निर्माण किया गया है। महानगरों की तर्ज पर शिमला में लगाए जा रहे यूनिट एरिया मेथड से अवैध निर्माण करने वाले भवन मालिकों पर हाउस टैक्स का बोझ पड़ने वाला है।
पुरानी पद्धति से वसूले जा रहे हाउस टैक्स से नगर निगम को साढ़े बारह हजार भवन मालिकों से करीब 9 करोड़ की आय हो रही है जबकि यूनिट एरिया मेथड से यही आय 25 करोड़ रुपये तक होगी। नगर निगम में 23 अगस्त 2006 को मिलाए गए छह वार्डों के भवन मालिकों पर पहली बार टैक्स लगेगा। इससे नगर निगम को टैक्स से होने वाली आय बढ़कर दोगुनी से कहीं अधिक होगी।
एमसी का एक्ट नहीं देता अनुमति
बार एसोसिएशन शिमला के पूर्व प्रधान और वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप दत्ता का कहना है कि प्रॉपर्टी टैक्स चुकाने से अवैध निर्माण को नियमित नहीं माना जा सकता। नगर निगम एक्ट में इसे विस्तृत तरीके से समझाया गया है।
भवन नियमित नक्शा पास होने के बाद ही माना जाएगा जबकि टैक्स हर उस प्रॉपर्टी से लिया जाता है जो निगम क्षेत्र के तहत बनाई गई है। वर्तमान में नगर निगम में विलय किए गए नए क्षेत्र 1994 से पहले पंचायत व्यवस्था के तहत थे।
लेकिन इसी साल इन क्षेत्रों को निगम परिधि में शामिल किया गया। चूंकि पंचायत चुनाव हो चुके थे इसलिए 1997 तक यह क्षेत्र दोनों पंचायत व निगम व्यवस्था के तहत रहे।
इन क्षेत्रों में ज्यादा अवैध मकान
ढली, मशोबरा, मल्याणा, भट्ठाकुफर, चलौंठी, मैहली, पंथाघाटी, कसुम्पटी, विकासनगर, देवनगर, शिवनगर, जीवणू कॉलोनी, सूर्यनगर, विजयनगर, न्यू शिमला, कांगनाधार, टुटू, मजयाठ, दिव्यनगर, न्यू टुटू, लोअर टुटू, शिवनगर, मेन बाजार, यादगार, विजयनगर व पावर हाउस सहित घोड़ा चौकी में अवैध निर्माण ज्यादा है। इन क्षेत्रों में छह से आठ मंजिला भवन निर्माण किया गया है।
मानसून सत्र में वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी लाकर अवैध भवनों को नियमित करने का प्रस्ताव लाने की बात सरकार ने कही है। बीते दिनों कांग्रेस पार्षदों को शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने यह आश्वासन दिया है। कांग्रेस पार्षदों ने बताया है कि मानसून सत्र में इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए लाया जा रहा है।
नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर लीगल जोगेंद्र चौहान का कहना है कि यूनिट एरिया मेथड प्रॉपर्टी पर लगेगा। शहर में स्वीकृत नक्शे के बिना बनाए गए भवनों के मालिकों को भी टैक्स देना होगा।