35 हजार परिवारों के कटेंगे बिजली पानी के कनेक्शन
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शहर के लोगों को अपने घरों का किचन और बाथरूम का व्यर्थ पानी अब अनिवार्य रूप से सीवरेज लाइन में जोड़ना होगा। ऐसा न करने वालों के खिलाफ नगर निगम कड़ी कार्रवाई करते हुए बिजली पानी के कनेक्शन काट देगा। दूसरी और घरों का रेन वाटर (बारिश का पानी) सीवरेज लाइन में जोड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
अगर रेन वाटर सीवरेज लाइन में कनेक्ट मिला तो उस स्थिति में भी संबंधित भवन का बिजली पानी का कनेक्शन काट दिया जाएगा। नगर निगम इसे लेकर शहर के करीब 35 हजार लोगों को नोटिस भेजने जा रहा है। सैहब सुपरवाइजरों के जरिये लोगों को घर घर नोटिस भेजे जाएंगे।
नियमों के उल्लंघन पर कटेगा बिजली पानी
वेस्ट वाटर सीवरेज लाइन में कनेक्ट न करने वालों को नोटिस दिए जा रहे हैं। जिन्होंने पहले ही वेस्ट वाटर सीवरेज लाइन में कनेक्ट कर रखा है उन्हें नोटिस का जवाब देने की जरूरत नहीं है। रेन वाटर सीवरेज लाइन में जोड़ने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के बिजली पानी के कनेक्शन काट दिए जाएंगे। -पंकज राय, आयुक्त, नगर निगम शिमला
वेस्ट वाटर सीवरेज लाइन में जुड़ा है तो न दें नोटिस का जवाब
आपके घर का किचन और बाथरूम का वेस्ट वाटर अगर पहले ही सीवरेज लाइन में जुड़ा हुआ है तो आपको नगर निगम की ओर से जारी होने वाले नोटिस का जवाब देने की जरूरत नही हैं। नगर निगम के पास ऐसा कोई डाटा उपलब्ध नहीं है जिससे पता चल सके कि कितने घरों का वेस्ट वाटर सीवरेज लाइन से कनेक्ट है और कितने घरों का नहीं। इसलिए नगर निगम शहर के सभी 35 हजार लोगों को इसे लेकर नोटिस जारी कर रहा है।
एमसी को आखिर क्यों पड़ी ऐसा करने की जरूरत
राजधानी शिमला में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) ग्रे वाटर (बाथरूम किचन वेस्ट) और ब्लैक वाटर (टायलेट वेस्ट) के लिए डिजाइन किए गए हैं। एसटीपी में ब्लैक वाटर तो पहुंच रहा है लेकिन ग्रे वाटर न पहुंचने के कारण सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों का पूरा प्रयोग नहीं हो पा रहा। क्षमता के अनुसार एसटीपी का पूरा प्रयोग करने के लिए नगर निगम ने किचन बाथरूम के वेस्ट वाटर को सीवरेज लाइन से कनेक्ट करने के आदेश जारी किए हैं।
एसटीपी में नहीं पहुंचना चाहिए बारिश का पानी
शहर में बने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों में बारिश का पानी नहीं पहुंचना चाहिए। इसलिए नगर निगम ने बारिश का पानी सीवरेज लाइन में कनेक्ट करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। अगर सीवरेज लाइन से होते हुए बारिश का पानी भारी मात्रा में एसटीपी पहुंच जाता है तो संयंत्रों की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है।
जिसके नाम पानी कनेक्शन उसकी ही होगी जिम्मेदारी
किराए के मकानों में घर का वेस्ट वाटर सीवरेज लाइन में जोड़ने की जिम्मेदारी किसकी होगी? यह भी साफ कर दिया गया है। मकान में जिसके नाम पर पानी का कनेक्शन है उसे ही वेस्ट वाटर सीवरेज लाइन में जुड़वाना होगा। कार्रवाई भी उसी के खिलाफ होगी जिसके नाम पर पानी का बिल जारी होता है।
जंगल में सीवरेज बहाने पर पीटर हाफ, एचपीयू को नोटिस
हॉस्टलों से निकलने वाली सीवरेज जंगलों में बहाने पर एचपीयू को वन विभाग ने नोटिस जारी किए हैं। इसके अलावा पीटर हाफ, वेलनेस सेंटर को भी इस तरह के नोटिस दिए गए हैं। नोटिस में वन विभाग ने लापरवाही बरतनी पर कड़ी चेतावनी जारी की है।
विवि के रानी लक्ष्मी बाई, कल्याणी, गार्गी, चंद्रभागा, रेणुका छात्रावासों के सेफ्टी टैंक लीक हो रहे हैं। इस वजह से सीवरेज की गंदगी गलैन के हरे-भरे जंगलों में बह रही है।
गलैन के घने जंगलों में ट्रैकिंग पर आ रहे ट्रैकरों और सैलानियों को गंदगी और दुर्गंध के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है इसके अलावा पीटर हाफ स्टेट गेस्ट हाउस और वेलनेस सेंटर के सीवरेज टैंक भी ओवर फ्लो हो गए हैं। गंदगी खुले जंगल में बह रही है। इन सभी स्थानों के सेफ्टी टैंक ओवर फलो हो रहे हैं।
शहरी वन विभाग ने नोटिस दिए हैं। नोटिस पर जल्द ही अमल नही किया गया तो वन विभाग इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा। -आरके आचार्य, डीएफओ शहरी शिमला