एमसी शिमला मासिक बैठक: टैक्स जमा करने को 21 दिन का समय, बीपीएल कार्ड को लेकर सदन में हंगामा, जानें बड़े फैसले
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शिमला शहरवासियों को अब प्रापर्टी टैक्स जमा करने के लिए 15 की जगह 21 दिन का वक्त मिलेगा। नगर निगम सदन में पार्षद दिवाकर देव शर्मा ने मामला उठाया कि निगम बिल देने के 15 दिन तक ही 10 फीसदी छूट की सुविधा देता है। लेकिन कई लोगों को समय पर बिल नहीं मिलता जिससे वह इसकी सुविधा नहीं ले पाते। ऐसे में इसकी अवधि बढ़ाई जाएगी। सदन ने इसे 21 दिन करने का फैसला लिया।
पार्षद दिवाकर शर्मा ने कूड़ा शुल्क पर लगाई जा रही पैनल्टी भी माफ करने की मांग की। कहा कि कोरोना के चलते कई लोग अभी भी शिमला से बाहर है। यह कूड़ा शुल्क जमा नहीं कर पाए हैं। ऐसे इनके बिल पर लगने वाली पेनल्टी माफ हो। मेयर सत्या कौंडल ने भी इसका समर्थन किया और कहा कि दिसंबर तक पेनल्टी माफ होनी चाहिए। फिलहाल अभी इस पर राहत मिलेगी या नहीं, इस पर आने वाले दिनों में स्थिति स्पष्ट होगी। सदन ने निगम कर्मचारियों को दीवाली पर 20-20 हजार की अग्रिम राशि देने को भी मंजूरी दी।
सदन में लिए गए फैसले जो जनता को देंगे राहत
- कसुम्पटी में परिमहल चौक से एसएसबी गेट तक 14.55 लाख से चौड़ा होगी सड़क
- अनाडेल में गाहन देवता मंदिर के पास 17.52 लाख से होगा नाले का चैनलाइजेशन
- विंटर सीजन में सड़कों, रास्तों से बर्फ हटाने के लिए 37 लाख के प्रस्ताव पारित
- कुफ्टाधार से पंचायत घर पगोग के लिए 19.95 लाख से चौड़ा होगी सड़क
- फ्लावरडेल में चौड़ा होगी सड़क, समरहिल में नाले का होगा चैनलाइजेशन
- स्ट्रीट लाइटों की होगी मरम्मत, स्मार्ट सिटी से लगाएंगे नई लाइटें
- ग्रीन सिटी बनाने के लिए हिमऊर्जा के साथ मिलकर लगाएंगे सोलर लाइटें
- लिफ्ट कार पार्किंग में शिफ्ट होगा सिलाई सेंटर, छोटा शिमला में नई दरों पर रिन्यू होगी लीज
- चक्कर कोर्ट से जमींदार हाउस तक 20 लाख से बनेगा एंबुलेंस रोड
- अनुबंध आधार पर तैनात छह कर्मचारियों का कार्यकाल एक साल बढ़ाने को मंजूरी
- शहर में नगर निगम की सीमाओं पर स्मार्ट सिटी से लगाएंगे प्रवेश द्वार
- स्लम एरिया में रह रहे गरीब परिवारों के लिए उसी एरिया में बनेंगे आवास
- सब्जी मंडी में एचपीएमसी को पट्टे की लीज नई दरों पर रिन्यू करने को मंजूरी
बीपीएल कार्ड न बनने पर नगर निगम सदन में हंगामा
राजधानी में पिछले चार साल से गरीब परिवारों के बीपीएल कार्ड न बनने पर वीरवार को नगर निगम के मासिक सदन में खूब हंगामा हुआ। पार्षदों ने इस मामले में ढील बरतने पर सरकार को निशाने पर लिया। मेयर सत्या कौंडल की अध्यक्षता में हुई मासिक बैठक में पार्षद दिवाकर देव शर्मा ने पूछा कि आखिर नए बीपीएल कार्ड क्यों नहीं बन रहे। 10 साल पहले जिनके बीपीएल कार्ड बनाए गए थे उनमें से कई अब सरकारी अफसर और बाबू बन चुके हैं।
यह अभी भी बीपीएल सूची में हैं जबकि हकीकत में जो गरीब परिवार हैं, उनके बीपीएल कार्ड बनाए ही नहीं जा रहे। पार्षद विवेक शर्मा ने कहा कि गरीब परिवार चक्कर काट रहे हैं। कार्यकारी आयुक्त अजीत भारद्वाज ने कहा कि इस मामले में सरकार को पत्र लिख चुके हैं। शहर में आय सीमा के नए सर्वे पर कार्ड बनाने हैं या फिर पुरानी आय सीमा ही लागू रखनी है, इस पर दिशा निर्देश मिलने पर नए कार्ड बनाने या रिन्यू करने पर फैसला ले सकते हैं। उप महापौर शैलेंद्र चौहान ने पूछा कि साथ लगती पंचायतों में जब बीपीएल कार्ड बन सकते हैं तो नगर निगम में क्यों नहीं? इस पर सदन में ही फैसला लिया जाए। सरकार को फिर पत्र भेजकर क्या करेंगे?
मेयर-डिप्टी मेयर क्यों नहीं जाते सरकार के पास
भाजपा पार्षद संजीव ठाकुर ने कहा कि मेयर और डिप्टी मेयर इस मामले को लेकर सरकार के पास क्यों नहीं जाते। लंबी चर्चा के बाद सदन में फैसला लिया गया कि इस मामले पर शहरी विकास विभाग को पत्र भेजा जाएगा जिस पर रोजाना की अपडेट ली जाएगी। एक महीने बाद इस पर क्या फैसला हुआ, उसकी जानकारी अगले सदन में देंगे।
बीपीएल कार्ड बनाने के लिए यह होंगी शर्तें
सदन में नए बीपीएल कार्ड बनाने की शर्तें भी तय की गई हैं। इसके अनुसार बीपीएल कार्ड बनाने के लिए वार्ड सभा में नाम प्रस्तावित किया जाएगा। संबंधित आवेदक को तहसीलदार से आय प्रमाणपत्र देना होगा। साथ ही हिमाचली प्रमाणपत्र देना अनिवार्य होगा। अभी बीपीएल कार्ड न बनने से गरीब परिवारों को इस कोटे से स्कूलों में दाखिला, स्कॉलरशिप लेने, स्वास्थ्य कार्ड बनाने, आवास योजनाओं का फायदा लेने समेत कई अन्य कामों में परेशानी आ रही है।
इंस्पेक्टर के तबादले पर हंगामा, प्रशासन, बोला यह पार्षद तय नहीं करेंगे
सदन में इंजनघर और बैनमोर के सेनेटरी इंस्पेक्टर के तबादले पर पार्षद आरती चौहान और किमी सूद ने सवाल उठाए। कहा कि कम से कम पार्षद को तो पूछा जाना चाहिए था। आरती चौहान की कार्यकारी आयुक्त से नोंकझोंक भी हुई। पार्षद ने कहा कि तबादले के लिए उनसे पूछा जाना चाहिए। कार्यकारी आयुक्त ने कहा कि यह प्रशासनिक फैसला है। इस बारे में पार्षदों से पूछना जरूरी नहीं। आरती चौहान ने हाउसिंग बोर्ड कालोनी में सड़क पर लग रहे गेट का मामला उठाया।
आयुक्त ने कहा कि इसे तोड़ने के लिए नोटिस भेजा जाएगा। पार्षद राकेश चौहान ने बंदरों के आतंक का मामला उठाया। मेयर ने कहा कि जल्द इस पर बैठक बुलाएंगे। शहर में सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर लगाने वालों की जेई रिपोर्ट देंगे। इनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जाएंगे। पार्षद आनंद कौशल ने टूटीकंडी रीडिंग रूम में अटेंडेंट की जल्द तैनाती की मांग उठाई। कुसुमलता ने न्यू शिमला में बिजली तारों पर झूल रहे पेड़ों की शाखाएं बर्फबारी से पहले काटने की मांग उठाई।