एमसी शिमला का बजट, जानिए किसे क्या मिला?
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साल 2015-16 के बजट में नगर निगम के महापौर संजय चौहान ने शहरवासियों को कोई भी नई सौगात नहीं दी है। बुधवार को बचत भवन में पेश किए बजट में सभी घोषणाएं पुरानी हैं। बजट में नया सिर्फ घाटे की राशि का बढ़ना है।
साल 2014-15 के दौरान 30 करोड़ घाटे का बजट पेश किया था जबकि इस साल घाटा बढ़कर 44 करोड़ हो गया है। बजट में लोगों के लिए राहत भरी खबर बस इतनी है कि कोई भी नया कर नहीं लगेगा। सुविधा भी कोई नई नहीं मिलेगी। सिर्फ पुरानी घोषणाओं को ही साल 2015-16 में नगर निगम अमलीजामा पहनाएगा।
शहर की जनता पर कर लगाने से गुरेज करते हुए माकपा की टिकट पर जीतकर महापौर बने संजय चौहान ने शहर के लोगों का स्वयं को हितैषी बताने का प्रयास किया है लेकिन लोगों के लिए कोई विशेष सुविधा देने में नाकाम भी साबित हुए हैं।
महिलाओं, बुजुर्गों को टैक्सी का तोहफा
शिमला शहर की महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए कुछ क्षेत्रों से पिंक टैक्सी चलाने की घोषणा दोबारा की गई है। वार्डों में विकास कार्यों को सुचारु रूप से चलाने के लिए इस बार नियम सख्त कर दिए हैं। 74 वें संवैधानिक संशोधन को लागू करते हुए वार्ड कमेटियों के माध्यम से विकास कार्यों की योजना बनाने को अनिवार्य कर दिया गया है।
वार्ड कमेटियों को 30 लाख का बजट दिया है। स्थानीय पार्षद की अनुशंसा (पार्षद निधि) पर दस लाख की राशि विकास कार्यों पर खर्च की जाएगी। इस राशि को अगले साल 15 लाख करने की घोषणा भी बजट भाषण में की गई। बीते वर्ष पार्षद निधि 5 लाख थी।
बचत भवन में पेश किए गए 166.77 करोड़ के बजट में 44.40 करोड़ का घाटा दर्शाया है। साल 2015-16 के बजट में आंकड़ों का मायाजाल बुना गया है। आमदनी से अधिक नगर निगम का खर्चा है।
फिर लिया जाएगा ग्रीन टैक्स
नगर निगम शहर में बाहरी राज्यों के वाहनों से ग्रीन फीस की वसूली फिर शुरू करने जा रहा है। राष्ट्रीय उच्च मार्ग विभाग को इसे लेकर संशोधित प्लान भेजा जा रहा है। विभाग से एनओसी मिलते ही ग्रीन फीस की वसूली शुरू हो जाएगी। ग्रीन फीस से निगम को अतिरिक्त आय प्राप्त होगी।
वहीं बिजली की तर्ज पर राजधानी के सभी परिवारों को पानी के नए कनेक्शन मिलेंगे। नियमों के मुताबिक एक मकान में अगर छह किरायेदार हैं तो छह ही पानी के कनेक्शन लेने होंगे। शहर में पानी की आपूर्ति सुधारने के लिए वर्ल्ड बैंक, जेईका और एडीबी से 335.77 करोड़ की मदद मांगी जाएगी। सीवरेज लाइनों की रिपेयर पर 170.35 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
उत्कृष्ट कार्य करने पर यूरोपियन यूनियन की मदद से गारबेज कलेक्टरों को पुरस्कृत किया जाएगा। भरियाल संयंत्र के तहत 10.50 करोड़ से सेनेटरी लैंडफिल साइट का निर्माण होगा। दाड़नी बागीचा स्थित आधुनिक वधशाला में 70 लाख खर्च कर सुअरों की अलग वध शाला तैयार की जाएगी। वास्तुक योजनाकार शाखा की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए इसे ऑन लाइन करना भी प्रस्तावित होगा।
700 गाड़ियों के लिए पार्किंग
लिफ्ट के पास वित्त वर्ष 2015-16 तक 700 गाड़ियों की पार्किंग बनेगी। इससे नगर निगम को प्रतिवर्ष एक करोड़ की आय होगी। शहर में पीपीपी आधार पर पार्किंग बनाया जाना प्रस्तावित है।
इनमें कैथू में मोरनिंग व्यू के पास, स्नो व्यू के पास, केपिटल होटल के नीचे पुलिस लाइन कैथू सड़क पर, बालूगंज चौक पर, प्राइमरी स्कूल चक्कर नजदीक हवाघर, बालूगंज बाजार नजदीक पुलिस स्टेशन, हनुमान मंदिर खलीनी, सैंट जैवियर स्कूल संजौली और ढली में सामुदायिक भवन के नजदीक पार्किंग का निर्माण करने के लिए स्थान का चयन किया है।
शहर में 40 पार्क भी बनेंगे। शिमला में पार्क बनाने के लिए सतलुज जल विद्युत निगम ने 3 करोड़ 35 लाख की सहमति दे दी है। एक अप्रैल 2015 से संजौली से पुलिस चौकी लक्कड़ बाजार, सीटीओ से एडवांस स्टडी होते हुए बालूगंज, छोटा शिमला चौक से शिमला क्लब तक और नवबहार से रिचमाउंट रेन शेल्टर तक लोगों की सुविधा के लिए बैटरी चलित गोल्फ कार्ट चलाने की योजना है।
वार्ड कमेटियों से पार्षदों पर कसा शिकंजा
साल 2015-16 के बजट में वार्ड कमेटियों को शक्तिशाली बना दिया है। कहा है कि वार्ड सभाओं के माध्यम से ही वार्ड के विकास की योजना बनाई जाएगी। इसके लिए प्रति वार्ड 30 लाख रुपये का बजट दिया जाएगा।
वार्ड कमेटियों के लिए धन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक वार्ड से एकत्र होने वाले कुल राजस्व का न्यूनतम 10 प्रतिशत उसी वार्ड पर खर्च किया जाएगा। वर्तमान में सिर्फ चार वार्डों में वार्ड कमेटियां बनाई गई है। ऐसे में अगर पार्षदों को 30 लाख का बजट चाहिए है तो पहले वार्ड कमेटियां बनानी पड़ेगी। बीते पौने तीन साल के दौरान सिर्फ चार वार्डों में ही कमेटियों का गठन हो सका है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि वार्ड कमेटियों के गठन को लेकर पार्षद कितनी मुस्तैदी दिखाते हैं।
हवा में रोप वे का सफर हवा हवाई
शिमला शहर के लोगों को हवा में सफर करवाने के एक बार फिर से हसीन ख्वाब दिखा दिए गए हैं। खाली खजाने से यह हवाई सफर कब तक शुरू होगा इसका तो कोई तय समय नहीं है लेकिन बजट में आम जनता को दिखाया गया हवाई रूट सच में हमें किसी पर्यटन नगरी नहीं बल्कि स्वप्न नगरी में जरूर पहुंचा देता है।
आर्थिक तंगी से गुजर रहे नगर निगम ने राजधानी के लोगों को खाली खजाने से हवाई सपने दिखा दिए हैं। महापौर संजय चौहान ने बुधवार को पेश किए गए बजट में एक बार फिर रोप वे, टनल और एस्केलेटर का राग अलापा है। शहर में निमार्णाधीन पार्किंगों का जिक्र कर पार्किंग समस्या दूर करने का दावा किया गया है। बीते साल पेश किए गए बजट में भी इन्हीं बातों का उल्लेख किया गया था।
लेकिन एक साल के दौरान नगर निगम इन योजनाओं को लेकर ढाई कोस भी आगे नहीं बढ़ सका है। बुधवार को एक बार फिर वर्ल्ड बैंक से वित्तीय सहायता मिलने की स्थिति में हवाई सपनों की योजना का जिक्र किया गया है।
121 करोड़ रुपये आय का अनुमान
महापौर संजय चौहान ने साल 2015-16 में 121.72 करोड़ की आय होने का अनुमान जताया है। आय के मुख्य स्रोतों में प्रापर्टी टैक्स से 1812 लाख, बिजली की खपत पर फीस से 150 लाख, शराब की बिक्री पर फीस से 60 लाख, वित्त आयोग की सिफारिशों से 1966 लाख, निगम की दुकानों, स्टालों से किराये के रूप में 509 लाख, कंपाउंडिंग फीस से 175 लाख, पानी शुल्क से 1800 लाख, ग्रीन फीस से 800 लाख, पार्किंग फीस से 150 लाख, डंपिंग साइट चार्जिज से 25 लाख, अन्य फीस और यूजर चार्जिज से 310 लाख, विज्ञापन एवं होर्डिंग चार्जिज से 70 लाख, रोड डैमेज चार्जिज से 50 लाख, स्टोर में पड़े स्क्रैप, कंडम टिप्पर, डंपर कंटेनर की नीलामी समेत विभिन्न स्रोतों से अनुमानित आय दिखाई है।
कहां कितना पैसा होगा खर्चा
नगर निगम ने साल 2015-16 में 166 करोड़ रुपये व्यय करने का फैसला लिया है। इसके तहत अधिकारियों और कर्मियों की तनख्वाह और पेंशन के लिए 5149 लाख की राशि, प्रशासनिक खर्चों पर 519 लाख, आईपीएच की देनदारी सहित निगम की ढांचागत परिसंपत्तियों के रखरखाव, आवश्यक नागरिक सुविधाओं और अन्य रखरखाव पर 4731 लाख, विभिन्न अनुदान योजनाओं पर 303 लाख, निगम के भवनों, सड़कों, नाले-नालियों के निर्माण, जल वितरण एवं सीवरेज लाइनें बिछाने, स्ट्रीट लाइट लगवाने, कार्यालय प्रयोग हेतु फर्नीचर और अन्य सामग्री पर 2052 लाख रुपये, जेएनएनयूआरएम के तहत चल रही स्कीमों पर 3547 लाख की राशि का व्यय करने का फैसला लिया गया है।
युवा और महिलाओं के लिए कुछ खास
युवा, छात्र, महिलाएं : युवा सेवाएं एवं खेल विभाग की मदद से युवाओं के लिए शहर में 4 नए खेल मैदान और बैडमिंटन कोर्ट बनेंगे। गरीब महिलाओं का स्वयं सहायता समूह के माध्यम से कौशल विकास किया जाएगा। महिलाओं के लिए शहर में चयनित रूटों पर पिंक टैक्सी चलेगी।
कहां क्या बनेगा शहर में?
दाड़नी बागीचा में सोलिड वेस्ट मेनेजमेंट प्रोजेक्ट के तहत बनेगा ट्रांसफर स्टेशन
•सतलुज जल विद्युत निगम की मदद से कसुम्पटी के रानी ग्राउंड में बनेगा आधुनिक पार्क
•रिज मैदान को भूस्खलन से बचाने के लिए 20 करोड़ से बनेगा बहुउद्देशीय परिसर
•रिपन अस्पताल के निर्माणाधीन भवन की दो मंजिलों पर बनेगा व्यवसायिक परिसर
•सड़क किनारे होगा सौंदर्य करण, विज्ञापन भी लगेंगे
•शहर के लिए बनेगा 5 लाख लीटर क्षमता वाला भंडारण टैंक
•रिज पर महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास दो नए म्यूजिकल फाउंटेन लगेंगे
सार्वजनिक स्थलों पर वाई-फाई नेटवर्क
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर के सार्वजनिक स्थलों को वाई-फाई नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। योजना के लिए संचार कंपनियों की मदद ली जाएगी। ई गवर्नेस परियोजना के तहत शहर के लोगों को ऑन लाइन सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। ई गवर्नेस परियोजना से निगम के कार्य में पारदर्शिता आएगी और निगम की कार्यकुशलता भी बढे़गी।
दुकानों का काम 31 मार्च से पहले शुरू
लिफ्ट के नजदीक बैकरी बिल्डिंग की जगह पर पार्किंग और लिफ्ट सुविधा सहित 222 दुकानों का निर्माण होगा। इसके लिए 1.25 करोड़ की पहली किस्त आ गई है। 31 मार्च से पहले काम शुरू होगा।
हर वार्ड के विकास कार्यों को 30 लाख
नगर निगम वार्ड स्तर पर वार्ड कमेटियों का गठन करेगा। वार्ड कमेटियों की अनुशंसा पर प्रत्येक वार्ड को विकास कार्यों के लिए 30 लाख रुपये का बजट उपलब्ध करवाया जाएगा। प्रत्येक वार्ड से एकत्र होने वाले कुल राजस्व का न्यूनतम 10 फीसदी भी विकास कार्यों पर खर्च होगा है।
कर्मचारियों के बच्चों को वजीफा देगा एमसी
नगर निगम अपने
अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कर्मचारी कल्याण निधि का सृजन करेगा। इस
निधि से कर्मचारियों को ऋण दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त कर्मचारियों के
प्रतिभाशाली बच्चों को वजीफे भी दिए जाएंगे। कर्मचारी का देहांत होने की
स्थिति में परिजनों को सहायता राशि भी दी जाएगी।
कृष्णानगर में जल्द बनेंगे 300 मकान
शहरी गरीब : राजीव आवास योजना के तहत कृष्णानगर में 300 आवासीय इकाईयों का निर्माण होगा। 30 लाख की लगात से पार्क बनेगा। बाईपास से हाली डे होम तक सड़क बनेगी। कृष्णानगर में सीवरेज, स्ट्रीट लाइट, ड्रेनेज सिस्टम भी सुधरेगा। रूल्दूभट्टा वार्ड के तहत ईदगाह कालोनी, 12 घर की लाइन और 5 घर की लाइन को राजीव आवास योजना के तहत डीपीआर बनेगी। 87 स्लम क्षेत्रों को विकसित को स्लम फ्री सिटी प्लान ऑफ एक्शन बनेगा।