कोर्ट के आदेशों पर एमबीबीएस की काउंसलिंग के प्रवेश पत्र जारी
प्रदेश के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में प्रवेश के लिए आयोजित की गई एमबीबीएस और बीडीएस की काउंसलिंग के बाद एचपीयू ने चयनित अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र जारी कर दिए हैं। नीट परीक्षा के प्राप्तांक और काउंसलिंग के आधार पर अभ्यर्थियों को सरकारी और निजी कॉलेजों में सीटें आवंटित की गई हैं। चयनित अभ्यर्थियों को आवंटित कॉलेज में प्रवेश लेने के लिए 21 जुलाई अंतिम तिथि तय की गई है।
काउंसलिंग कमेटी ने न्यायालय के आदेशों पर पात्रता की नई शर्त लगाए जाने को लेकर कोर्ट गए 9 अभ्यर्थियों की सीटों को खाली रख कर सभी सरकारी छह मेडिकल कॉलेजों और सोलन के एक निजी मेडिकल कॉलेज के साथ ही एक सरकारी और चार निजी डेंटल कॉलेजों की सीटों के लिए चयनित अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र जारी कर दिए हैं।
इसे विवि की वेबसाइट पर भी अपलोड करने की प्रक्रिया मंगलवार देर रात पूरी कर दी जाएगी। विवि के परीक्षा नियंत्रक और एमबीबीएड काउंसलिंग कमेटी के सदस्य सचिव डॉ. जेएस नेगी ने बताया कि चयनित अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र जारी कर दिए गए हैं। अधिक जानकारी विवि की प्रवेश परीक्षा शाखा से प्राप्त की जा सकती है। खाली रहने वाली सीटों के लिए 24 से 26 जुलाई तक दूसरे दौर की काउंसलिंग की जानी है।
एमबीबीएस में दाखिले को नौ सीटें खाली रखीं
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में एमबीबीएस कक्षाओं में दाखिले पर बाहरी राज्यों में निजी व्यवसाय करने वाले अभिभावकों के बच्चों की ओर से दायर याचिकाओं की सुनवाई खंडपीठ के आदेशानुसार तीसरे न्यायाधीश के समक्ष हुई।
न्यायाधीश संदीप शर्मा के समक्ष हुई सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से बताया गया कि इस मामले में नौ प्रार्थियों की याचिकाओं के लंबित होने के कारण नौ सीटें खाली रखी गई हैं और इन सीटों को हाईकोर्ट के अंतिम निर्णय के आधार पर भरा जाएगा।
प्रार्थियों की ओर से बताया गया कि न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर की तरफ से दिए निर्णय के तहत काउंसलिंग में भाग लेने वाले छात्रों को दाखिले के लिए कंसीडर करने को कहा गया है। कोर्ट ने मामले पर सुनवाई 23 जुलाई के लिए निर्धारित करने के आदेश दिए।
इससे पहले न्यायाधीश धर्मचंद चौधरी और न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर की खंडपीठ ने इस दाखिले के लिए उन छात्रों को पात्र ठहराया है जिनके अभिभावक बाहरी राज्य सरकारों, केंद्र सरकार अथवा सरकारी उपक्रमों के अधीन सरकारी नौकरी में हैं या कभी रहे थे।